
गिरगांव चौपाटी पर CM फडणवीस और डिप्टी CM शिंदे की मौजूदगी में गणेश विसर्जन
Ganesh immersion at Girgaon Chowpatty in the presence of CM Fadnavis and Deputy CM Shinde.
महाराष्ट्र, मुंबई: अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मुंबई में गणेश विसर्जन का भव्य और भावुक नजारा देखने को मिला। गिरगांव चौपाटी पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहुंचकर गणेश विसर्जन समारोह का जायजा लिया और गणराय को भावपूर्ण विदाई दी। उनके साथ मुंबई की महापौर रितू तावडे भी मौजूद थीं। दस दिनों तक चले गणेशोत्सव के समापन पर मुंबई के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में गणेश मंडल और श्रद्धालु गिरगांव चौपाटी की ओर पहुंचे। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष, ढोल-ताशों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के बीच गणराय को विदाई दी गई। गिरगांव चौपाटी और आसपास के मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।
फडणवीस ने प्रशासन की व्यवस्था की सराहना की
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई और पुणे में चल रही गणेश विसर्जन मिरवणुकों के शिस्तबद्ध आयोजन की सराहना की। उन्होंने गणेश भक्तों के उत्साह की भी प्रशंसा की और कहा कि दस दिनों की भक्ति के बाद विसर्जन का दिन आनंद और भावुकता दोनों का संगम होता है। फडणवीस ने विशेष रूप से मुंबई पुलिस, मुंबई महानगरपालिका और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों द्वारा किए गए नियोजन की सराहना की। उन्होंने श्रद्धालुओं से सुरक्षित और अनुशासित तरीके से विसर्जन में भाग लेने की अपील भी की।
‘सुबुद्धि आए और कुबुद्धि का विसर्जन हो’—फडणवीस
पत्रकारों ने जब मुख्यमंत्री से राजनीतिक विरोधियों को लेकर सवाल किया, तो फडणवीस ने गणराय से “सुबुद्धि यावी आणि कुबुद्धीचं विसर्जन व्हावं” यानी सद्बुद्धि आने और कुबुद्धि का विसर्जन होने की प्रार्थना करने की बात कही। यह बयान उन्होंने पत्रकारों के सवाल के जवाब में दिया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी मुंबई और पुणे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद विसर्जन मिरवणुकों के शिस्तबद्ध आयोजन का उल्लेख किया। उन्होंने मुंबई महानगरपालिका, मुंबई पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्थाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम
इस वर्ष मुंबई में विसर्जन को देखते हुए पुलिस और नागरिक प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। 24 हजार से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए थे। रैपिड एक्शन फोर्स, SRPF, फोर्स वन, क्विक रिस्पॉन्स टीम और एंटी-ड्रोन टीम जैसी विशेष इकाइयों को भी महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया। मुंबई महानगरपालिका की ओर से भी 25 हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी विसर्जन व्यवस्था में लगाए गए। मुंबई में 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों और 383 कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की गई थी। विसर्जन स्थलों पर 1,132 लाइफगार्ड, 6,052 फ्लडलाइट एवं सर्चलाइट, 85 एंबुलेंस और 10 मोटरबोट तैयार रखे गए थे।
गिरगांव चौपाटी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन कक्ष, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, अस्थायी शौचालय, प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अन्य एजेंसियों का बंदोबस्त किया गया था।गणेश विसर्जन के सबसे प्रमुख आकर्षणों में से एक लालबागचा राजा की विसर्जन यात्रा भी गिरगांव चौपाटी पहुंची। लालबागचा राजा का अरब सागर में विसर्जन 26 सितंबर 2026 को सुबह 10:46 बजे किया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
मुंबई में गणेशोत्सव के अंतिम दिन गिरगांव चौपाटी समेत प्रमुख विसर्जन स्थलों पर भारी भीड़ रही। मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे ने गिरगांव चौपाटी पहुंचकर विसर्जन व्यवस्था का जायजा लिया, प्रशासन और पुलिस के नियोजन की सराहना की तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित भागीदारी पर जोर दिया।
फडणवीस की ‘सुबुद्धि आए और कुबुद्धि का विसर्जन हो’ वाली टिप्पणी भी इस दौरान चर्चा में रही।



