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भारत-कजाकिस्तान का संयुक्त सैन्य अभ्यास KAZIND-2026

India-Kazakhstan Joint Military Exercise KAZIND-2026.

नई दिल्ली: भारत और कजाकिस्तान के बीच वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास KAZIND-2026 का आयोजन प्रस्तावित है। आपके दिए गए इनपुट के अनुसार यह इस सैन्य अभ्यास का 9वां संस्करण होगा। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक सार्वजनिक रिकॉर्ड में सितंबर-अक्टूबर 2024 में आयोजित KAZIND-2024 को 8वां संस्करण बताया गया था; इसलिए 2026 के 9वें संस्करण से जुड़ी अंतिम तारीख, स्थान और भागीदारी की जानकारी के लिए रक्षा मंत्रालय की औपचारिक घोषणा को अंतिम आधार माना जाना चाहिए। भारत और कजाकिस्तान के बीच यह सैन्य अभ्यास 2016 में शुरू हुआ था। शुरुआती चरण में इसे ‘प्रबल दोस्तिक’ नाम से आयोजित किया गया था, जिसे बाद में KAZIND नाम दिया गया। 2023 में यह अभ्यास कजाकिस्तान के ओटार में आयोजित हुआ था, जबकि इसका 8वां संस्करण 30 सितंबर से 13 अक्टूबर 2024 तक उत्तराखंड के औली स्थित सूर्या फॉरेन ट्रेनिंग नोड में हुआ था।KAZIND-2024 में भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से करीब 120 सैन्यकर्मी शामिल हुए थे। भारतीय दल में कुमाऊं रेजिमेंट की एक बटालियन के साथ सेना की अन्य शाखाओं और भारतीय वायुसेना के कर्मी शामिल थे। कजाकिस्तान की टुकड़ी में मुख्य रूप से उसके लैंड फोर्सेज और एयरबोर्न असॉल्ट ट्रूप्स के जवान शामिल थे।

आतंकवाद विरोधी अभियानों पर रहेगा जोर

KAZIND का प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य क्षमता और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना है। पिछले आधिकारिक संस्करण में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत उप-पारंपरिक परिस्थितियों में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने का प्रशिक्षण दिया गया था। अभ्यास में अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों में सैन्य अभियानों पर भी ध्यान दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान दोनों सेनाओं ने संयुक्त कमांड पोस्ट स्थापित करने, खुफिया एवं निगरानी केंद्र बनाने, हेलिपैड और लैंडिंग साइट की सुरक्षा, घेराबंदी एवं तलाशी अभियान तथा आतंकवादी कार्रवाई के खिलाफ संयुक्त प्रतिक्रिया जैसे अभ्यास किए थे। ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी अभ्यास का हिस्सा रहा है।

दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर

संयुक्त सैन्य अभ्यास का एक प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की रणनीति, तकनीक और संचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर देना है। इससे संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल, संचार और समन्वय विकसित करने में मदद मिलती है।भारत और कजाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक संबंधों का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कजाकिस्तान के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया है।KAZIND-2026 के जरिए दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन तालमेल को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।

खास तौर पर आतंकवाद विरोधी अभियानों, पहाड़ी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में संचालन, सामरिक अभ्यास और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से जुड़ी क्षमताओं पर प्रशिक्षण महत्वपूर्ण रहेगा।

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