‘विकसित भारत’ के लिए हर नागरिक का योगदान जरूरी
Every citizen's contribution is essential for a ‘Viksit Bharat’.

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वाराणसी से वडनगर तक यात्रा कर रहे ‘सेवा यात्रियों’ से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य तभी साकार हो सकता है, जब देश के प्रत्येक व्यक्ति का योगदान और भागीदारी इसमें शामिल हो। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के विकास की यात्रा केवल सरकार के प्रयासों से पूरी नहीं हो सकती। इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी और सेवा भावना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि युवा अपनी ऊर्जा, विचारों और सेवा के अलग-अलग रूपों के माध्यम से इस यात्रा को समृद्ध कर रहे हैं। यह सेवा यात्रा वाराणसी से वडनगर तक आयोजित की जा रही है और इसका संबंध ‘सेवा संकल्प अभियान’ से है। संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने जीवन से जुड़े दोनों शहरों—वडनगर और काशी—का उल्लेख भी किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वडनगर ने उन्हें जीवन को दिशा देने वाले संस्कार और मूल्य दिए, जबकि काशी ने उन मूल्यों में सेवा के अनेक रंग जोड़े। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आज बड़ी संख्या में युवा भी सेवा के विभिन्न कार्यों के माध्यम से इस यात्रा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा की भावना समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। युवाओं का सेवा कार्यों में आगे आना इस बात का संकेत है कि देश की नई पीढ़ी सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर सक्रिय है। प्रधानमंत्री ने सेवा यात्रा में शामिल प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सेवा केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है।
- पीएम मोदी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा यात्रियों’ से वर्चुअल संवाद किया।
- यात्रा वाराणसी से वडनगर तक आयोजित की जा रही है।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि सबकी भागीदारी से ही विकसित भारत का लक्ष्य साकार होगा।
- उन्होंने वडनगर को अपने जीवन के मूल्यों और संस्कारों से जोड़ा।
- काशी को उन्होंने सेवा के अनुभवों और मूल्यों को विस्तार देने वाला शहर बताया।
- प्रधानमंत्री ने युवाओं की सेवा गतिविधियों में बढ़ती भागीदारी पर खुशी जताई।
‘सेवा यात्रा’ के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण के संदेश को सामने रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी का जोर इस बात पर रहा कि विकसित भारत का लक्ष्य सामूहिक प्रयासों से ही आगे बढ़ सकता है। इस यात्रा में युवाओं की भागीदारी सेवा की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयास के रूप में भी सामने आती है।



