वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भागीदारी लगातार बढ़ रही है
India's participation in the global economy is steadily increasing.

नई दिल्ली: नई दिल्ली में 13वें ‘पीएएफआई एनुअल फोरम 2026’ में श्री गोयल ने कहा कि भारत वैश्विक बाजारों से जुड़ाव बढ़ाने और व्यापार तथा आर्थिक साझेदारी के नए अवसर तलाश रहा है। कनाडा, चिली, पेरू, मैक्सिको, रूस, मध्य एशिया, जीसीसी और इस्राएल समेत कई देशों और समूहों के साथ व्यापार वार्ता जारी है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य भारत को ग्लोबल वैल्यू चेन और सप्लाई चेन में अधिक मजबूती से जोड़ना और सामान तथा सेवाओं का आवागमन आसान बनाना है। श्री गोयल ने बताया कि अगले पांच वर्षों में भारत में सेमीकंडक्टर की सालाना खपत 150 अरब डॉलर से अधिक होने की उम्मीद है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक और स्टार्टअप इकोसिस्टम में क्षमता बढ़ाने की जरूरत पर भी बल दिया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 24–25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 13वें PAFI Annual Forum 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था, वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। इस वर्ष फोरम की थीम “India 3.0 Engaging for Growth in a Disrupted World” थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि क्रय शक्ति समता-पीपीपी के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार करीब 20 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
- भारत की मौजूदा अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर है।
- PPP यानी Purchasing Power Parity के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर की है।
- PPP के आधार पर भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
- उन्होंने भारत के आगे चलकर 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ने की बात कही।



