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रतलाम में फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था पर कलेक्टर नाराज 

Ratlam Collector displeased with the drinking water supply system in fluoride-affected areas.

मध्य प्रदेश, रतलाम: जिले के फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को लेकर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने नाराजगी जताते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता और फ्लोराइड रिमूवल प्लांट के संचालन की स्थिति की जानकारी लेते हुए समस्या के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लंबे समय से बंद पड़े फ्लोराइड रिमूवल प्लांट को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा।

डेढ़ से दो साल से बंद हैं फ्लोराइड रिमूवल प्लांट

बैठक में सामने आया कि सैलाना और बाजना क्षेत्र में स्थापित फ्लोराइड रिमूवल प्लांट करीब डेढ़ से दो वर्ष से बंद पड़े हैं। लंबे समय से प्लांट बंद रहने की जानकारी पर कलेक्टर ने अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से प्लांट बंद होने के कारणों, उनके रखरखाव और दोबारा संचालन की कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की समस्या को किसी भी स्थिति में लंबित न रखा जाए और आवश्यक कार्रवाई तत्काल पूरी की जाए। फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था और बंद प्लांट को लेकर लापरवाही पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कार्यपालन यंत्री जांगड़े को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से यह भी कहा कि पेयजल योजनाओं और जल शोधन संयंत्रों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में लोगों को दूषित या मानकों के अनुरूप न होने वाला पानी पीने के लिए मजबूर न होना पड़े।

दो एसडीओ के अनुपस्थित रहने पर बैठक निरस्त

जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में दो एसडीओ के अनुपस्थित रहने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक निरस्त कर दी गई। कलेक्टर ने अधिकारियों की जवाबदेही और बैठकों में उपस्थिति को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल से जुड़े मामलों में संबंधित अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है, क्योंकि इनका सीधा संबंध आम लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन से है। कलेक्टर ने फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच और निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां पेयजल में फ्लोराइड की समस्या सामने आई है, वहां वैकल्पिक और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बंद पड़े फ्लोराइड रिमूवल प्लांट की तकनीकी स्थिति का आकलन कर उन्हें जल्द से जल्द चालू कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।

प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल समाधान पर जोर

बैठक में कलेक्टर ने पेयजल से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सैलाना और बाजना जैसे फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से बंद प्लांटों को लेकर प्रशासन की चिंता इस बात पर केंद्रित रही कि प्रभावित आबादी को गुणवत्तापूर्ण पेयजल कैसे उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करते हुए व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में पेयजल योजनाओं की स्थिति, जल गुणवत्ता और फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने और पेयजल संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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