Trending

बाबूलाल मरांडी ने 2023 से 2026 तक हुई नियुक्तियों की CBI जांच की मांग

Babulal Marandi demands a CBI probe into appointments made between 2023 and 2026.

झारखंड, गिरिडीह : झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी सोमवार को गिरिडीह पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य में हुई विभिन्न सरकारी नियुक्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर सवाल उठाए। मरांडी ने वर्ष 2023 से 2026 तक राज्य में हुई नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की। मरांडी ने विशेष रूप से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच केवल सीमित स्तर तक नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरी प्रक्रिया की जांच की जानी चाहिए।

JPSC और JSSC परीक्षाओं पर उठाए सवाल

गिरिडीह में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने JPSC और JSSC-CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार और जांच एजेंसियों के रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन परीक्षाओं को लेकर सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। मरांडी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन परीक्षाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में युवा सरकारी सेवाओं में नियुक्ति की उम्मीद रखते हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े किसी भी स्तर पर यदि अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

CID जांच पर भी उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने मौजूदा CID जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच का दायरा व्यापक होना चाहिए। मरांडी के मुताबिक, जांच केवल कथित बिचौलियों या निचले स्तर पर जुड़े लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने उन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की, जिन पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी भी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।बाबूलाल मरांडी ने वर्ष 2023 से 2026 तक राज्य में हुई नियुक्तियों की जांच की मांग को व्यापक रूप दिया। उन्होंने कहा कि केवल एक-दो परीक्षाओं की जांच के बजाय इस अवधि में हुई नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया की जांच की जानी चाहिए। उनके अनुसार, जांच में परीक्षा प्रक्रिया, अभ्यर्थियों के चयन, परिणाम और नियुक्ति तक के विभिन्न चरणों को शामिल किया जाना चाहिए। मरांडी ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच राज्य की किसी एजेंसी के बजाय CBI से कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों को दूर किया जा सके।

सरकार पर लगाए आरोप

पत्रकार वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर युवाओं के बीच कई सवाल हैं और सरकार को इनका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, यदि किसी परीक्षा या नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप सामने आते हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि मौजूदा सरकार नियुक्तियों की CBI जांच नहीं कराती है, तो भाजपा की सरकार बनने पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से 2026 तक हुई नियुक्तियों की जांच के बाद यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मरांडी ने जांच का दायरा अधिकारियों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों तक ले जाने की मांग दोहराई।

गिरिडीह में भाजपा नेताओं की मौजूदगी

पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा के कई स्थानीय और प्रदेश स्तर के नेता मौजूद रहे। इनमें प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, जिला अध्यक्ष रणजीत राय, ग्रामीण जिला अध्यक्ष महेंद्र वर्मा, विनय सिंह, पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार और सुरेश साव सहित अन्य भाजपा नेता शामिल रहे। गिरिडीह में हुई इस पत्रकार वार्ता के दौरान भर्ती परीक्षाओं और सरकारी नियुक्तियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बाबूलाल मरांडी ने सरकार से नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता लाने और कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच कराने की मांग की।

युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों से जुड़ा मुद्दा

JPSC और JSSC जैसी परीक्षाओं में राज्य के बड़ी संख्या में युवा शामिल होते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी शिकायत या विवाद का सीधा असर अभ्यर्थियों पर पड़ता है। बाबूलाल मरांडी ने इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच हुई नियुक्तियों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि कहीं किसी स्तर पर अनियमितता तो नहीं हुई।

फिलहाल बाबूलाल मरांडी की मांग के बाद 2023 से 2026 तक हुई नियुक्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। मरांडी ने JPSC और JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया की व्यापक CBI जांच की मांग करते हुए जांच का दायरा अधिकारियों की भूमिका तक बढ़ाने की बात कही है। अब इस मुद्दे पर सरकार का रुख और आगे की जांच प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अभ्यर्थियों की चिंताओं पर भी नजर बनी रहेगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker