अगले 10 साल में नागपुर बनेगा देश का सोलर इकोसिस्टम सेंटर:CM फडणवीस
Nagpur to become the country's solar ecosystem center in the next 10 years: CM Fadnavis
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में देश के सबसे बड़े सोलर मॉडल इकोसिस्टम को विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा जताया है कि आने वाले दस वर्षों में नागपुर देश के प्रमुख सोलर इकोसिस्टम सेंटर के रूप में विकसित होगा। उन्होंने उद्यमियों से सोलर एनर्जी, बैटरी, एनर्जी स्टोरेज और संबंधित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश करने की अपील की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एडिशनल बुटीबोरी इंडस्ट्रियल एरिया का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आवड्डा ग्रुप के सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया और परियोजना से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और उद्यमियों से संवाद किया तथा क्षेत्र में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।
आवड्डा ग्रुप के प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए 250 एकड़ जमीन
एडिशनल बुटीबोरी क्षेत्र में विकसित किए जा रहे सोलर मॉडल को लेकर मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि आवड्डा ग्रुप के प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए आवश्यक 250 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बुटीबोरी क्षेत्र में मौजूदा औद्योगिक भूमि का बड़ा हिस्सा उपयोग में आ चुका है। ऐसे में भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए तीसरा एडिशनल बुटीबोरी इंडस्ट्रियल एस्टेट विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
वर्धा में भी नए इंडस्ट्रियल एरिया की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि औद्योगिक विस्तार को केवल नागपुर तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। वर्धा जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य नए उद्योगों के लिए जमीन, ऊर्जा, परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसी आवश्यक सुविधाओं का इकोसिस्टम तैयार करना है।
स्मार्ट इंडस्ट्री के लिए तैयार हो रहा नया इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यू नागपुर प्रोजेक्ट के माध्यम से स्मार्ट इंडस्ट्री के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। सरकार औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दे रही है। उन्होंने उद्योगपतियों के साथ बातचीत में स्टील इंडस्ट्री के विकास का भी उल्लेख किया। सरकार का प्रयास है कि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार हो और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।
सस्ती और 24 घंटे बिजली पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उद्योगों को प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही सोलर एनर्जी, बैटरी और एनर्जी स्टोरेज के क्षेत्र में भी काम को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों को चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि भरोसेमंद और निरंतर बिजली आपूर्ति से उद्योगों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी और महाराष्ट्र में नए निवेश को आकर्षित किया जा सकेगा।
समृद्धि हाईवे से पिछड़े क्षेत्रों तक विकास की कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने समृद्धि महामार्ग को राज्य के पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर बताया। उनके अनुसार, बेहतर सड़क और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी से औद्योगिक गतिविधियों को नए क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही JNPT के साथ वधान पोर्ट के विकास का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वधान पोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रमुख बंदरगाह बनाया जा सकता है और इसे दुनिया के शीर्ष दस बंदरगाहों में शामिल करने का लक्ष्य रखा जा रहा है।
वधान पोर्ट से गढ़चिरौली तक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क
मुख्यमंत्री के अनुसार, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से भविष्य में वधान पोर्ट से गढ़चिरौली तक माल परिवहन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे माल ढुलाई की लागत कम करने और विदर्भ सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में औद्योगिक विकास को गति देने का अवसर पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर पोर्ट कनेक्टिविटी, फ्रेट कॉरिडोर, हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों का नेटवर्क महाराष्ट्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अगले 10 वर्षों में मुंबई स्लम-फ्री होने का दावा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस दौरान अगले दस वर्षों में मुंबई को स्लम-फ्री बनाने का भरोसा भी जताया। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के साथ आवास और पुनर्विकास से जुड़े मुद्दों पर भी काम किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री के नागपुर दौरे में सोलर मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी स्टोरेज, औद्योगिक विस्तार, बिजली आपूर्ति, हाईवे, पोर्ट और लॉजिस्टिक्स को महाराष्ट्र के भविष्य के औद्योगिक विकास के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया गया।



