
दुनिया के कारोबारी नक्शे पर भारत का दबदबा, बिजनेस क्लाइमेट में नंबर-1
India's dominance on the global business map ranked number one in business climate.
नई दिल्ली: भारत ने वैश्विक कारोबारी माहौल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। स्वीडिश चैंबर ऑफ कॉमर्स इन इंडिया के ग्लोबल बिजनेस क्लाइमेट सर्वे 2026 में भारत को 40 से अधिक वैश्विक बाजारों में व्यावसायिक वातावरण के मामले में पहला स्थान मिला है। सर्वेक्षण में कुल 41 प्रमुख वैश्विक बाजारों को शामिल किया गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस उपलब्धि की जानकारी साझा की। ग्लोबल बिजनेस क्लाइमेट सर्वे का उद्देश्य अलग-अलग देशों में काम कर रही स्वीडिश कंपनियों के अनुभवों के आधार पर वहां के कारोबारी माहौल, आर्थिक प्रदर्शन, व्यापारिक संभावनाओं और परिचालन परिस्थितियों का आकलन करना है। 2026 के सर्वे में भारत को व्यावसायिक वातावरण के लिहाज से शीर्ष स्थान मिला है। सर्वेक्षण के मुताबिक भारत उन बाजारों में शामिल है जहां स्वीडिश कंपनियां कारोबार के मौजूदा माहौल और भविष्य की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण रखती हैं।
41 वैश्विक बाजारों को सर्वे में किया गया शामिल
इस वर्ष का ग्लोबल बिजनेस क्लाइमेट सर्वे रिकॉर्ड 41 बाजारों को कवर करता है। इसमें यूरोप, एशिया-प्रशांत, अमेरिका और अन्य प्रमुख वैश्विक क्षेत्रों के बाजार शामिल हैं। सर्वेक्षण में कंपनियों से उनके कारोबार के प्रदर्शन, लाभप्रदता, भविष्य की वृद्धि की संभावनाओं, निवेश योजनाओं और स्थानीय कारोबारी वातावरण से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ली गई। इसका इस्तेमाल अलग-अलग बाजारों की कारोबारी परिस्थितियों की तुलना करने के लिए किया जाता है।
स्वीडिश कंपनियों का भारत पर भरोसा
भारत के लिए अलग से जारी India Business Climate Survey 2026 में भी स्वीडिश कंपनियों का भारत के प्रति सकारात्मक रुख सामने आया है। इस सर्वे में भारत में काम कर रही 213 स्वीडिश कंपनियों की प्रतिक्रियाएं शामिल की गईं। अधिकांश कंपनियां भारत को दीर्घकालिक कारोबारी बाजार के रूप में देखती हैं। कई कंपनियों ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य में विकास की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। साथ ही बड़ी संख्या में कंपनियां आने वाले वर्ष में अपने निवेश को बढ़ाने की योजना बना रही हैं।Business Sweden की रिपोर्ट के अनुसार भारत में तेजी से हो रहा औद्योगिकीकरण, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे में निवेश और बढ़ता उपभोक्ता बाजार स्वीडिश कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। भारत और स्वीडन के बीच औद्योगिक उपकरण, ऑटोमोबाइल, डिजिटल तकनीक, लाइफ साइंसेज, स्वच्छ ऊर्जा, दूरसंचार, उन्नत विनिर्माण और टिकाऊ बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में कारोबारी सहयोग महत्वपूर्ण है।
Ease of Doing Business को लेकर सकारात्मक संकेत
भारत की रैंकिंग को कारोबारी सुगमता और निवेश के माहौल में सुधार के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। वैश्विक कंपनियों के लिए किसी बाजार में निवेश करते समय नियामकीय व्यवस्था, बाजार तक पहुंच, बुनियादी ढांचा, प्रतिभा और कारोबारी विस्तार की संभावनाएं महत्वपूर्ण होती हैं। सर्वेक्षण में भारत के कारोबारी वातावरण से जुड़ी कुछ चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है। स्वीडिश कंपनियों ने प्रशासनिक जटिलता, नियामकीय अनिश्चितता, कस्टम प्रक्रियाओं, प्रमाणन आवश्यकताओं और व्यापार संबंधी बाधाओं को अब भी चुनौती बताया है। Business Sweden की रिपोर्ट के अनुसार भारत में काम कर रही स्वीडिश कंपनियों का एक बड़ा हिस्सा आने वाले समय में निवेश बढ़ाने को लेकर सकारात्मक है। इससे संकेत मिलता है कि भारत को केवल बिक्री बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि उत्पादन, नवाचार और दीर्घकालिक कारोबारी संचालन के केंद्र के रूप में भी देखा जा रहा है। भारत में व्यापक प्रतिभा आधार और तेजी से विकसित हो रहा कारोबारी इकोसिस्टम विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षण का महत्वपूर्ण कारण है।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र का मजबूत प्रदर्शन
ग्लोबल सर्वे में एशिया-प्रशांत क्षेत्र का कारोबारी माहौल भी अपेक्षाकृत सकारात्मक रहा। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार भारत और वियतनाम जैसे बाजारों को वैश्विक स्तर पर ऊंची रेटिंग मिली है। यह संकेत देता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी एशिया-प्रशांत क्षेत्र विदेशी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण कारोबारी और निवेश क्षेत्र बना हुआ है। व्यावसायिक वातावरण में भारत का शीर्ष स्थान विदेशी कंपनियों के कारोबारी अनुभव और निवेश धारणा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसी रैंकिंग से भारत की वैश्विक कारोबारी छवि को मजबूती मिल सकती है और विदेशी कंपनियों के लिए भारत में विस्तार, उत्पादन और निवेश की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक संकेत मिल सकता है। हालांकि, सर्वेक्षण में बताई गई नियामकीय और प्रशासनिक चुनौतियां यह भी दर्शाती हैं कि कारोबारी माहौल को और बेहतर बनाने के लिए सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।
ग्लोबल बिजनेस क्लाइमेट सर्वे 2026 में 41 वैश्विक बाजारों के बीच भारत का पहले स्थान पर आना देश के कारोबारी माहौल को लेकर स्वीडिश कंपनियों के सकारात्मक आकलन को दर्शाता है। भारत की आर्थिक वृद्धि, डिजिटल परिवर्तन, औद्योगिक विस्तार और निवेश की संभावनाएं विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। वहीं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, नियामकीय जटिलताओं और व्यापार संबंधी बाधाओं को कम करना भारत के कारोबारी वातावरण को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहेगा।



