आशा कार्यकर्ताओं का मासिक प्रोत्साहन ₹3,000 से बढ़कर ₹6,000
Monthly incentive for ASHA workers increased from ₹3,000 to ₹6,000.
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए निर्धारित मासिक प्रोत्साहन राशि को दोगुना करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाली मासिक प्रोत्साहन राशि को 3,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये करने की घोषणा की गई। सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं के योगदान को मान्यता देने के साथ-साथ उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना बताया गया है।
आशा कार्यकर्ताओं के योगदान को मान्यता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विशेष रूप से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी और समुदाय से जुड़ने में उनका योगदान अहम रहता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रोत्साहन राशि में वृद्धि आशा कार्यकर्ताओं के काम को मान्यता देने और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का मानना है कि प्रोत्साहन राशि बढ़ने से आशा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा और वे अपनी सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से जारी रख सकेंगी।
दिल्ली में 6,725 आशा कार्यकर्ता कार्यरत
दिल्ली सरकार के अनुसार, वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी में 6,725 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं। आम तौर पर एक आशा कार्यकर्ता लगभग 2,000 लोगों या करीब 400 परिवारों से जुड़ी होती है। इस लिहाज से आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका बड़ी संख्या में परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता से संबंधित जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण है। मासिक प्रोत्साहन राशि में वृद्धि से दिल्ली में कार्यरत हजारों आशा कार्यकर्ताओं को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार ने इसे उनके कार्य और जिम्मेदारियों के अनुरूप आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
10 हजार छात्रों के लिए छात्रावास बनाने का फैसला
मंत्रिमंडल की बैठक में दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों से जुड़ा एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला भी लिया गया। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के 10,000 छात्रों के लिए छात्रावासों के निर्माण की योजना को मंजूरी देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार के कुछ विश्वविद्यालयों और संस्थानों में छात्रावासों के निर्माण का काम पहले से ही चल रहा है। सरकार का उद्देश्य छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आने वाले विद्यार्थियों की आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करना है।
छात्रावास निर्माण के लिए कॉलेजों का होगा सर्वे
सरकार उन कॉलेजों का सर्वेक्षण भी करेगी, जहां छात्रावास निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि और स्थान उपलब्ध है। सर्वेक्षण के माध्यम से ऐसे संस्थानों की पहचान की जाएगी जहां उपलब्ध जगह का उपयोग छात्रावास सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जा सकता है।
दिल्ली सरकार के इन दोनों फैसलों—आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन में वृद्धि और छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण—का उद्देश्य क्रमशः सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं को आर्थिक सहयोग देना तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।



