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BRICS Summit 2026 : युद्ध,सैन्य खर्च और पश्चिम एशिया पर ब्रिक्स की चिंता

BRICS Summit 2026: BRICS expresses serious concern over war, military spending, and tensions in West Asia.

नई दिल्ली: BRICS शिखर सम्मेलन के पहले दिन अपनाई गई नई दिल्ली घोषणा-2026 में सदस्य देशों ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी संघर्षों, अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बढ़ते ध्रुवीकरण और विखंडन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। BRICS नेताओं ने वैश्विक शांति, सुरक्षा और स्थिरता के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा करते हुए बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

वैश्विक सैन्य खर्च में लगातार बढ़ोतरी पर चिंता

घोषणा में BRICS देशों ने वैश्विक सैन्य खर्च में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर गंभीर चिंता जताई। नेताओं का मानना है कि दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव और सैन्य तैयारियों का असर वैश्विक शांति एवं विकास की प्राथमिकताओं पर पड़ सकता है। ब्रिक्स नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसी नीतियों को बढ़ावा देने की अपील की, जिनसे देशों के बीच टकराव कम हो और सहयोग का वातावरण मजबूत हो। घोषणा में इस बात पर भी जोर दिया गया कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान किसी एक देश या समूह के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि व्यापक बहुपक्षीय सहयोग के जरिए तलाशा जाना चाहिए।

अलग-अलग राष्ट्रीय दृष्टिकोणों का सम्मान जरूरी

नई दिल्ली घोषणा-2026 में BRICS देशों ने एक ऐसे बहुपक्षीय दृष्टिकोण की वकालत की, जिसमें महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विभिन्न देशों के राष्ट्रीय दृष्टिकोण और परिस्थितियों का सम्मान किया जाए। नेताओं ने सतत विकास, भूख और गरीबी के उन्मूलन तथा जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों को साझा जिम्मेदारी बताते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। ब्रिक्स का जोर इस बात पर रहा कि विकासशील देशों की प्राथमिकताओं और उनकी चिंताओं को भी वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में उचित महत्व मिलना चाहिए।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता

BRICS नेताओं ने पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। घोषणा में सभी पक्षों से ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने का आह्वान किया गया, जिससे क्षेत्र की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। ब्रिक्स देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। नेताओं ने कहा कि मौजूदा संकटों का असर आम नागरिकों पर नहीं पड़ना चाहिए और मानवीय चिंताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

स्थायी शांति के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर

घोषणा में पश्चिम एशिया में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए संवाद और कूटनीति के प्रयास तेज करने की अपील की गई। BRICS नेताओं ने संकेत दिया कि सैन्य टकराव के बजाय राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान ही क्षेत्र में स्थायी शांति का आधार बन सकता है। नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिलकर ऐसे प्रयास करने का आह्वान किया, जिनसे क्षेत्र में तनाव कम हो और शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके।

वैश्विक व्यवस्था में बहुपक्षवाद की भूमिका

नई दिल्ली घोषणा-2026 में BRICS देशों का जोर व्यापक रूप से बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर दिखाई दिया। नेताओं ने माना कि आज दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। युद्ध और संघर्ष के साथ-साथ गरीबी, भूख, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे मुद्दों का समाधान भी वैश्विक सहयोग के बिना संभव नहीं है। ब्रिक्स का संदेश स्पष्ट है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देशों के बीच संवाद, पारस्परिक सम्मान और सहयोग को बढ़ावा देना जरूरी है। घोषणा में शांति और विकास के लक्ष्यों को साथ लेकर चलने तथा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को अधिक संतुलित और समावेशी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

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