सारनाथ में राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन,सोवा-रिग्पा को वैश्विक वेलनेस इंडस्ट्री से जोड़ने पर जोर
National Symposium Concludes in Sarnath,Emphasis on Linking Sowa-Rigpa to Global Wellness Industry

वाराणसी: वाराणसी के सारनाथ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हो गया। संगोष्ठी में तिब्बतन मेडिसिन यानी सोवा-रिग्पा के विकास, वैज्ञानिक प्रमाण, गुणवत्ता नियंत्रण और औषधीय पौधों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि सोवा-रिग्पा केवल एक पारंपरिक चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि इसमें आधुनिक समय की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की महत्वपूर्ण संभावनाएं मौजूद हैं। विशेषज्ञों ने इस चिकित्सा पद्धति को वैज्ञानिक शोध और प्रमाणों के आधार पर मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वक्ताओं के मुताबिक, आज की तेज रफ्तार जीवनशैली के कारण लोगों में तनाव, मानसिक दबाव और दीर्घकालिक बीमारियों की समस्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे दौर में तिब्बतन चिकित्सा का समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। संगोष्ठी में सोवा-रिग्पा में इस्तेमाल होने वाले औषधीय पौधों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए औषधीय वनस्पतियों का संरक्षण और उनका वैज्ञानिक तरीके से उपयोग बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण और मानकीकरण को लेकर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोवा-रिग्पा की औषधियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता को वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, तो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक स्वीकार्यता मिल सकती है।
संगोष्ठी में सोवा-रिग्पा को वैश्विक वेलनेस इंडस्ट्री से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक शोध और गुणवत्ता मानकों के साथ जोड़कर इसे भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों में स्वास्थ्य और वेलनेस के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा सकता है।
दो दिवसीय इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में विशेषज्ञों और जानकारों ने पारंपरिक चिकित्सा के संरक्षण के साथ-साथ उसके वैज्ञानिक विकास और वैश्विक विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत बताई।
सारनाथ में आयोजित यह संगोष्ठी सोवा-रिग्पा को आधुनिक स्वास्थ्य और वैश्विक वेलनेस के क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श के रूप में सामने आई।



