
गणेशोत्सव पर मुंबई-गोवा हाईवे पर भारी वाहनों पर प्रतिबंध, 11 से 20 सितंबर तक लागू रहेंगे ट्रैफिक नियम
Ban on heavy vehicles on the Mumbai-Goa Highway during Ganeshotsav; traffic regulations to remain in effect from September 11 to 20.
मुंबई, 11 सितंबर: गणेशोत्सव के दौरान मुंबई से कोंकण जाने वाले लाखों गणेशभक्तों की यात्रा सुगम बनाने और मुंबई-गोवा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। गणेशोत्सव की पूर्व तैयारी और बढ़ती यातायात भीड़ को देखते हुए 16 टन से अधिक वजन क्षमता वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रशासन के मुताबिक, मुंबई-गोवा मार्ग पर गणेशभक्तों की बड़ी संख्या में आवाजाही होने के कारण इस दौरान भारी वाहनों के चलते यातायात बाधित होने और जाम की स्थिति बनने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए निर्धारित अवधि में भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकने का निर्णय लिया गया है।
🚛 11 से 15 सितंबर तक पूर्ण प्रतिबंध
गणेशोत्सव की पूर्व तैयारी के मद्देनजर 11 सितंबर की रात 1 बजे से 15 सितंबर की रात 11 बजे तक 16 टन से अधिक वजन क्षमता वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
इस दौरान मुंबई-गोवा मार्ग पर गणेशभक्तों के वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यातायात को सुचारू बनाए रखने और यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
🛕 विसर्जन और वापसी के दौरान भी प्रतिबंध
गणेशोत्सव के बाद गणपति विसर्जन और श्रद्धालुओं के वापस लौटने के दौरान भी भारी यातायात को देखते हुए प्रतिबंध जारी रहेगा। 18 सितंबर को सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
इसके बाद 19 सितंबर की सुबह 8 बजे से 20 सितंबर की रात 11 बजे तक भी यही प्रतिबंध लागू रहेगा।प्रशासन का उद्देश्य है कि गणेशभक्तों के आने-जाने और विसर्जन के दौरान मुंबई-गोवा मार्ग पर यातायात सुचारू रहे, साथ ही संभावित ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति को कम किया जा सके। गणेशोत्सव के दौरान कोंकण जाने वाले वाहन चालकों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है।
गणेशोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मुंबई-गोवा मार्ग पर भारी वाहनों पर लगाया गया प्रतिबंध अहम कदम है। प्रशासन का उद्देश्य ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका को कम करते हुए गणेशभक्तों की यात्रा को सुचारू बनाना है। ऐसे में वाहन चालकों से अपील है कि वे निर्धारित समय-सीमा और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि गणेशोत्सव का यह पर्व आस्था के साथ-साथ सुरक्षित और व्यवस्थित भी रहे।



