राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा
Retired Air Marshal Jitendra Mishra becomes the first CEO of the Ram Mandir Trust.
अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक का अनुभव रखने वाले मिश्रा अब राम मंदिर परिसर से जुड़ी प्रशासनिक और संचालन संबंधी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालेंगे। उनकी नियुक्ति की घोषणा 2 सितंबर को अयोध्या में ट्रस्ट की बैठक के बाद की गई।

5,585 आवेदनों के बाद हुआ चयन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बाद तीन सदस्यीय चयन समिति ने उम्मीदवारों की विस्तृत छंटनी और साक्षात्कार प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम नाम तय किया। इस प्रक्रिया के बाद रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी।
देवरिया के भोपतपुर गांव से वायुसेना के शीर्ष पद तक
जीतेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुर गांव से आते हैं। उन्हें 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। लगभग 38-39 वर्षों के सैन्य करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वे वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) रहे और अप्रैल 2026 में इसी पद से सेवानिवृत्त हुए। मिश्रा ने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे ऑपरेशन्स के डिप्टी चीफ के साथ-साथ डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन और ट्रेनिंग से जुड़े पदों पर भी रहे।
3,000 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव
रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के पास 3,000 घंटे से अधिक का फ्लाइट एक्सपीरियंस है। उन्होंने फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर समेत विभिन्न प्रकार के सैन्य विमानों पर उड़ान भरी है। वे स्क्वाड्रन लीडर के रूप में मिराज-2000 से जुड़े रहे और एक अनुभवी फाइटर कॉम्बैट लीडर तथा टेस्ट पायलट के तौर पर भी काम किया।
करगिल युद्ध से ऑपरेशन सिंदूर तक अहम भूमिका
जीतेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर कई महत्वपूर्ण अभियानों से जुड़ा रहा है। करगिल युद्ध के दौरान लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाने में उनकी भूमिका बताई जाती है। टाइगर हिल और मुंथो ढालो जैसे क्षेत्रों में भारतीय वायुसेना के अभियानों में भी उनकी भूमिका रही। हाल के वर्षों में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उनके सैन्य योगदान के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक सहित कई सैन्य सम्मान प्राप्त हुए।
अब राम मंदिर की व्यवस्था की जिम्मेदारी
CEO के रूप में जीतेंद्र मिश्रा के सामने अब एक अलग तरह की चुनौती होगी। राम मंदिर में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और मंदिर परिसर से जुड़े व्यापक संचालन को देखते हुए प्रशासन, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, समन्वय और श्रद्धालु सुविधाओं को व्यवस्थित करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा। ट्रस्ट को उम्मीद है कि सैन्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर संचालन और प्रबंधन का उनका अनुभव मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पेशेवर और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।



