पं. उमेश चौधरी की वेबसाइट का रामशेठ ठाकुर ने किया अनावरण
A New Chapter in Musical Dedication: Ramsheth Thakur Unveils Pt. Umesh Chaudhary's Website
पनवेल/सान्वी देशपांडे : रायगढ़ भूषण पं. उमेश निवृत्ति बुवा चौधरी की दीर्घ संगीत साधना, शास्त्रीय गायन और समाजोन्मुखी कार्यों को डिजिटल मंच प्रदान करने वाली उनकी नई वेबसाइट का शुभारंभ खारघर में उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। पूर्व सांसद एवं लोकनेते रामशेठ ठाकुर ने वेबसाइट का अनावरण किया। इस अवसर पर नादब्रम साधना मंडल के संस्थापक तथा प्रख्यात शास्त्रीय एवं भजन गायक एच.बी.पी. निवृत्ति बुवा चौधरी, अध्यक्ष वसंतशेठ पाटिल, पूर्व नगरसेवक शंकर म्हात्रे, अनंत ठाकुर, नारायण बुवा पाटिल सहित संगीत, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
संगीत यात्रा का डिजिटल दस्तावेज
पं. उमेश चौधरी की यह वेबसाइट उनकी वर्षों की संगीत साधना और कलात्मक यात्रा का एक महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज बनने जा रही है। वेबसाइट के माध्यम से उनकी जीवन यात्रा, गुरु परंपरा, शास्त्रीय गायन, विभिन्न संगीत कार्यक्रमों, पुरस्कारों एवं सम्मानों के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक पहलों की जानकारी संगीत प्रेमियों को उपलब्ध होगी। इसके अलावा संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी डिजिटल माध्यम से व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
नई पीढ़ी तक पहुंचेगी शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा
पं. उमेश चौधरी ने अपनी संगीत यात्रा को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए यह संदेश दिया है कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, साधना और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम भी है। डिजिटल युग में वेबसाइट के माध्यम से शास्त्रीय संगीत की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाने की यह पहल विशेष रूप से संगीत सीखने वाले विद्यार्थियों, उभरते कलाकारों, संगीत साधकों और देश-विदेश के संगीत प्रेमियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
गुरु परंपरा से मिली संगीत साधना की विरासत
पं. उमेश चौधरी को भजन सम्राट निवृत्ति बुवा चौधरी की समृद्ध संगीत एवं आध्यात्मिक विरासत का लाभ मिला है। गुरु परंपरा का सम्मान करते हुए उन्होंने शास्त्रीय संगीत की निरंतर साधना को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया। आकाशवाणी, दूरदर्शन और विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर अपने गायन से पहचान बनाने वाले पं. उमेश चौधरी ने संगीत के क्षेत्र में अपनी स्वतंत्र पहचान स्थापित की है।
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रामशेठ ठाकुर ने की पहल की सराहना
वेबसाइट के शुभारंभ अवसर पर पूर्व सांसद लोकनेते रामशेठ ठाकुर ने पं. उमेश चौधरी की संगीत साधना और उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी तक संगीत की समृद्ध परंपरा पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यम का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह वेबसाइट संगीत प्रेमियों, विद्यार्थियों और उभरते कलाकारों के लिए उपयोगी डिजिटल मंच साबित होगी।
“संगीत एक निरंतर चलने वाली साधना है”
इस अवसर पर पं. उमेश चौधरी ने अपने गुरु, परिवार, प्रशंसकों और साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगीत एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और गुरु के आशीर्वाद, प्रशंसकों के स्नेह तथा नई पीढ़ी तक संगीत की समृद्ध परंपरा पहुंचाने की जिम्मेदारी के साथ उनकी संगीत यात्रा आगे भी जारी रहेगी।
परंपरा और तकनीक का संगम
पं. उमेश चौधरी की नई वेबसाइट भारतीय शास्त्रीय संगीत की पारंपरिक विरासत को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वेबसाइट के माध्यम से उनकी संगीत साधना और सामाजिक कार्यों की जानकारी अब दुनिया भर के संगीत प्रेमियों तक पहुंच सकेगी।
आवाज, साधना, संस्कृति और समाजसेवा के इस संगम को डिजिटल पहचान देने वाली यह वेबसाइट पं. उमेश चौधरी की संगीत यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ती है।



