26 दिन की भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक डिस्चार्ज
Sonam Wangchuk Discharged After 26-Day Hunger Strike
दिल्ली/प्रतिनिधी : सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को लंबी भूख हड़ताल के बाद गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वांगचुक ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले में कथित अनियमितताओं और देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की थी। करीब 26 दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया। भूख हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां लगभग एक सप्ताह तक डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चला। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, डिस्चार्ज के समय उनकी स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह स्थिर थी। उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत (वाइटल साइन) सामान्य पाए गए और वह पूरी तरह होश में थीं।
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डॉक्टरों ने उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और आउट पेशेंट विभाग (OPD) के माध्यम से समय-समय पर फॉलो-अप जारी रखने की सलाह दी है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोनम वांगचुक सबसे पहले दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके लद्दाख रवाना होने की जानकारी सामने आई है। उनके आंदोलन ने देश में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुधार को लेकर नई बहस को जन्म दिया है।



