
Morocco: बनाएगा इज़रायली ड्रोन प्लांट, कई मुस्लिम देशों की गुप्त डीलें
Morocco\ to Build Israeli Drone Plant, Secret Deals with Several Muslim Countries
विशेष प्रतिनिधि: मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में इज़राइली रक्षा तकनीक की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। कई मुस्लिम देशों में जनता के विरोध के बावजूद सरकारें इज़रायल के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रही हैं। इसी कड़ी में मोरक्को ने इज़रायली साझेदारी के साथ एक अत्याधुनिक ड्रोन फैक्ट्री स्थापित करने का निर्णय लिया है।
मोरक्को में ड्रोन फैक्ट्री को मिली मंजूरी
सरकार के इस फैसले ने देश के भीतर विरोध के सुर तेज कर दिए हैं। कई सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने इसे “जनमत के विरुद्ध” फैसला बताते हुए विरोध प्रदर्शन किए हैं। बावजूद इसके, मोरक्को का कहना है कि आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए उन्नत ड्रोन तकनीक अनिवार्य है।सूत्रों के अनुसार, यह फैक्ट्री निगरानी, सटीक हमला क्षमता और सीमा सुरक्षा के लिए हाई-टेक ड्रोन तैयार करेगी। माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट इज़राइल की प्रमुख डिफेंस कंपनियों के साथ संयुक्त रूप से संचालित होगा।
अन्य मुस्लिम देशों की ‘गुप्त’ खरीदारी
मोरक्को के अलावा कई और मुस्लिम देश भी इज़रायल की हथियार तकनीक में रुचि दिखा रहे हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों, बढ़ते आतंकी खतरे और तकनीकी बढ़त हासिल करने के मकसद से इन देशों ने इज़रायली कंपनियों से ‘गुप्त रक्षा समझौते’ किए हैं।हालांकि, इन देशों की सरकारें आधिकारिक तौर पर इन सौदों को स्वीकार नहीं करतीं, क्योंकि घरेलू स्तर पर इज़रायल के साथ किसी भी तरह का सैन्य सहयोग विवाद का विषय बन जाता है।
क्यों बढ़ रही है इज़रायली हथियारों की मांग?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इज़रायल की ड्रोन, मिसाइल डिफेंस, साइबर सुरक्षा और निगरानी प्रणालियां आधुनिक युद्ध की जरूरतों को पूरा करती हैं। कई देश इन्हें तेज़, विश्वसनीय और किफायती विकल्प मानते हैं।
भले ही राजनीतिक और धार्मिक मतभेद मौजूद हों, लेकिन रक्षा तकनीक के क्षेत्र में इज़रायल अब मुस्लिम देशों के लिए भी एक प्रमुख सप्लायर बनता जा रहा है।



