
Labor Laws: महाराष्ट्र में श्रम कानून में बड़ा बदलाव: निजी क्षेत्र में अब 10 घंटे की ड्यूटी
Maharashtra Labor Laws: 10-Hour Duty in the Private Sector
मुंबई/प्रतिनिधि: महाराष्ट्र सरकार ने श्रम कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए निजी क्षेत्र में काम के घंटों से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। नए प्रावधानों के तहत अब कर्मचारी 10 घंटे तक प्रतिदिन काम कर सकेंगे। सरकार का दावा है कि यह कदम उद्योगों की उत्पादकता बढ़ाने और रोजगार संरचना में लचीलापन लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
10 घंटे की कार्य सीमा
पहले कर्मचारियों के कार्य घंटे 9 घंटे प्रतिदिन निर्धारित थे। अब इसे बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया गया है। हालांकि, कुल साप्ताहिक कार्य समय 48 घंटे से अधिक नहीं होगा।
ओवरटाइम सीमा बढ़ाई गई
ओवरटाइम की सीमा को भी बढ़ाकर तीन महीने में 144 घंटे कर दिया गया है। इससे उद्योगों को पीक सीजन में अतिरिक्त मानव संसाधन जुटाने में राहत मिलेगी।
छोटे प्रतिष्ठानों को राहत
सरकार ने छोटे और मध्यम उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम करने के लिए पंजीकरण और लाइसेंसिंग से जुड़ी शर्तों में भी ढील दी है। इससे सूक्ष्म और छोटे प्रतिष्ठानों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक संगठनों का स्वागत, श्रमिक संगठनों की एतराज
जहां उद्योग जगत ने इस कदम को आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए स्वागत किया है, वहीं श्रमिक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि काम के घंटे बढ़ने से कर्मचारियों पर बोझ बढ़ेगा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि इन संशोधनों से राज्य में निवेश बढ़ेगा, नई इकाइयों को संचालन में आसानी होगी और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।



