आचार्य देवव्रत बने महाराष्ट्र के 22वें राज्यपाल, मुंबई में ली संस्कृत में शपथ
Acharya Devvrat became the 22nd Governor of Maharashtra, took oath in Sanskrit in Mumbai
मुंबई/प्रतिनिधी : गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सोमवार, 15 सितंबर 2025 को संस्कृत भाषा में महाराष्ट्र के 22वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। यह शपथ ग्रहण समारोह मुंबई के राजभवन में स्थित दरबार हॉल में आयोजित किया गया, जहां मुंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर ने उन्हें राज्यपाल पद की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, विधान परिषद सभापति प्रो. राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर, विधान परिषद के उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे, कौशल विकास, उद्यमिता, रोजगार और नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित थे।
राज्यपाल नियुक्ति का प्रसंग:
महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति पद पर चयनित होने के कारण गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति की अधिसूचना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जारी की थी, जिसे मुख्य सचिव राजेशकुमार ने समारोह में पढ़कर सुनाया।
आचार्य देवव्रत का परिचय और अनुभव:
आचार्य देवव्रत के पास शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में 45 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। उन्होंने 12 अगस्त 2015 से 21 जुलाई 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती, गोसंरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, सामाजिक एकता, व्यसन मुक्ति, वृक्षारोपण और जल संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण पहलों को सफलतापूर्वक लागू किया।
22 जुलाई 2019 से वे गुजरात के राज्यपाल के रूप में सेवा दे रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, आचार्य देवव्रत ने गुजरात और अन्य राज्यों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया, जिससे पांच लाख से अधिक किसानों ने रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपनाया।
सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान:
आचार्य देवव्रत ने राष्ट्रवादी विचारधारा, भारतीय संस्कृति, वैदिक मूल्य और दर्शन के प्रचार-प्रसार में भी विशेष योगदान दिया है। वे युवाओं में सामाजिक और नैतिक मूल्यों की जागरूकता बढ़ाने के लिए व्याख्यान देते हैं और विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं एवं मासिकों में लेखन करते हैं। इसके अलावा वे योग और वैदिक जीवनशैली को लोकप्रिय बनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
उनका गोधन संरक्षण, प्राकृतिक खेती, योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों के प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन और वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान जैसे कार्य प्रदूषण मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय हैं। आचार्य देवव्रत के पास ग्रंथलेखन का भी विशेष अनुभव है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान:
इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आचार्य देवव्रत का राज्यपाल पद ग्रहण करने पर हार्दिक अभिनंदन किया और कहा कि उनके अनुभव और दृष्टिकोण से महाराष्ट्र को अत्यंत लाभ होगा। उन्होंने कहा कि आचार्य देवव्रत के नेतृत्व में राज्य को नए सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय आयाम मिलेंगे।




