
रायगढ़: पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाएं योजनाओं का लाभ
Raigarh: Ensure the benefits of schemes reach the eligible beneficiaries.
रायगढ़-अलीबाग: राज्य शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए अधिकारी पूरी जिम्मेदारी से काम करें। कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को भूखा सोने की नौबत नहीं आनी चाहिए। यह निर्देश राज्य अन्न आयोग के अध्यक्ष महेश ढवळे ने रायगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए। जिलाधिकारी कार्यालय के राजस्व सभागार में नियतन, अनाज उठाव एवं वितरण तथा स्कूली पोषण आहार से संबंधित विषयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य अन्न आयोग के अध्यक्ष महेश ढवळे ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी सचिन ढोले, उप-जिलाधिकारी (सामान्य प्रशासन) रवींद्र शेळके सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
राशन की गुणवत्ता और वितरण पर रखें नजर
बैठक को संबोधित करते हुए महेश ढवळे ने कहा कि उचित मूल्य की राशन दुकानों के माध्यम से लाभार्थियों को दिए जाने वाले अनाज की गुणवत्ता की नियमित जांच की जानी चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पात्र लोगों को उनके अधिकार का पूरा अनाज मिले और वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि राशन दुकानों के खुलने के समय और उनके नियमित संचालन पर भी नजर रखी जानी चाहिए। प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान के सामने स्पष्ट और बड़े अक्षरों में दुकान का नाम प्रदर्शित करने वाला बोर्ड लगाना अनिवार्य है। अधिकारियों को इन व्यवस्थाओं की जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लाभार्थियों को राशन प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
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आदिवासी बस्तियों तक पहुंचाएं सरकारी योजनाएं
राज्य अन्न आयोग के अध्यक्ष ने रायगढ़ जिले में बड़ी संख्या में रहने वाले आदिवासी समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिकारियों को आदिवासी वाडियों और दूरदराज की बस्तियों का दौरा करना चाहिए। वहां रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी उनकी समझ के अनुसार दी जानी चाहिए, ताकि वे अपने अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लोग सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे जरूरतमंदों तक पहुंचें, उनकी समस्याओं को समझें और कानून के दायरे में उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल जानकारी या प्रक्रिया की कमी के कारण सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।
सूखे की स्थिति में जरूरतमंदों को मिले राहत
महेश ढवळे ने कम बारिश के कारण उत्पन्न सूखे जैसी परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे समय में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सहायता समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि उनका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से काम करें। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को उनके अधिकारों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्रत्येक अधिकारी को इस कार्य को अपना कर्तव्य मानकर काम करना चाहिए, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
बच्चों को पौष्टिक आहार देने पर जोर
बैठक में बच्चों के पोषण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। राज्य अन्न आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों को पौष्टिक पूरक आहार उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे उनके शारीरिक विकास में मदद मिल सके। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने स्कूली पोषण आहार के संबंध में अभिभावकों की बैठकें आयोजित करने और उन्हें बच्चों के लिए संतुलित एवं पौष्टिक भोजन के महत्व के बारे में जानकारी देने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और विकास के लिए प्रशासन, स्कूलों और अभिभावकों के बीच समन्वय आवश्यक है।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मिले योजनाओं का लाभ
महेश ढवळे ने गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र महिलाओं को मातृ वंदना और लेक लाडकी जैसी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य की उचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य तथा कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर मिलना जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए और पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ना चाहिए। बैठक के अंत में राज्य अन्न आयोग के अध्यक्ष ने अधिकारियों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें।
उन्होंने दोहराया कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य जरूरतमंदों को राहत देना है और यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर पात्र लाभार्थी तक उसका अधिकार पहुंचे।



