
कैंपा निधि से गांवों का पुनर्वास पूरा करें: फडणवीस
Complete the rehabilitation of villages using CAMPA funds: Fadnavis
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कैंपा (CAMPA) निधि का प्रभावी उपयोग कर व्याघ्र परियोजनाओं और अन्य संरक्षक वन क्षेत्रों में स्थित गांवों के पुनर्वास का काम पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए इस निधि का उचित नियोजन और प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कैंपा निधि के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण, पुनर्वास और प्राकृतिक संसाधनों के विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्याघ्र परियोजनाओं और अन्य संरक्षक क्षेत्रों में रहने वाले गांवों के पुनर्वास से संबंधित कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए कैंपा निधि का प्रभावी इस्तेमाल किया जाना चाहिए। पुनर्वास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाते समय प्रभावित नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उनके हितों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया।
यह भी पढ़ें PM के परिवार पर टिप्पणी, खरगे पर बरसे जम्वाल
आधुनिक तकनीक से होगी विकास कार्यों की जांच
बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कैंपा निधि से पूरे किए गए वनीकरण, मिट्टी संरक्षण और जल संरक्षण के कार्यों की उपग्रहों तथा आधुनिक तकनीक की मदद से जांच करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके परिणामों की प्रभावी समीक्षा की जा सके। वनीकरण के तहत किए गए कार्यों के साथ ही मिट्टी और जल संरक्षण से संबंधित परियोजनाओं की निगरानी महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से इन कार्यों की स्थिति का पता लगाने और उनके प्रभाव का आकलन करने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों की जांच को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

सूखे की स्थिति में चारा उपलब्ध कराने पर जोर
राज्य में मौजूदा सूखे की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कैंपा निधि के माध्यम से चरागाह विकास कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चरागाहों का विकास होने से पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सूखे की परिस्थितियों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है। ऐसे में चरागाह विकास कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने से पशुपालकों को राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वन संरक्षण और जनहित से जुड़ी योजनाओं पर ध्यान
बैठक में कैंपा निधि के उपयोग, वन संरक्षण से संबंधित कार्यों की निगरानी और संरक्षक क्षेत्रों में स्थित गांवों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, निधि का उपयोग इस तरह किया जाना है कि वन संरक्षण से जुड़े उद्देश्यों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जा सके। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि कैंपा निधि के माध्यम से पुनर्वास कार्यों को पूरा करने, वनीकरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यों की जांच करने तथा चरागाह विकास कार्यक्रम को गति देने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
बैठक में दिए गए निर्देशों का मुख्य उद्देश्य संरक्षित वन क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों को आगे बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की निगरानी मजबूत करना और सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास करना है।



