
मुंबई में प्रदूषण पर लगाम, हफ्ते में एक दिन बंद रहें निर्माण कार्य
Curbing pollution in Mumbai: Construction work to remain suspended one day a week
मुंबई: मुंबई में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए मुंबई उपनगर के पालकमंत्री एडवोकेट आशिष शेलार ने बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर पूरे मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में सप्ताह में एक दिन सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ के काम पूरी तरह बंद रखने की मांग की है। शेलार ने कहा कि सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण की समस्या और गंभीर होने की आशंका है। ऐसे में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने के साथ-साथ दीर्घकालीन उपायों पर भी काम करना जरूरी है। पालकमंत्री शेलार ने अपने पत्र में मुंबई की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर नागरिकों की ओर से मिल रही शिकायतों और मुंबई हाईकोर्ट द्वारा जताई गई चिंता का भी उल्लेख किया है। उन्होंने शहर में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एक व्यवस्थित और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उनका सुझाव है कि मुंबई के लिए अलग से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) बनाना जाए, ताकि प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर परिस्थितियों के अनुसार समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
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सप्ताह में एक दिन निर्माण गतिविधियों पर रोक का सुझाव
आशिष शेलार ने मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में सप्ताह में एक दिन सभी तरह के निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों को पूरी तरह बंद रखने का सुझाव दिया है। निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल शहर में वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हो सकती है। ऐसे में निर्माण गतिविधियों को व्यवस्थित करने और धूल के फैलाव पर नियंत्रण रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर उन्होंने जोर दिया है। उन्होंने निर्माण स्थलों पर हवा की गुणवत्ता की निगरानी के लिए सेंसर आधारित व्यवस्था स्थापित करने का भी सुझाव दिया। इससे निर्माण स्थलों के आसपास वायु गुणवत्ता पर नजर रखने और प्रदूषण की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाने में मदद मिल सकती है। शेलार के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण के उपाय केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए।
सड़कों पर पानी का छिड़काव और धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई
मुंबई में प्रदूषण कम करने के लिए पालकमंत्री ने सड़कों पर पानी का छिड़काव करने का सुझाव भी दिया है। उन्होंने इसके लिए अपशिष्ट जल यानी इस्तेमाल किए जा चुके पानी के उपयोग की बात कही है, ताकि धूल को हवा में फैलने से रोकने में मदद मिल सके। हालांकि, इस व्यवस्था में पानी की उपयुक्तता और सुरक्षित इस्तेमाल का ध्यान रखना भी जरूरी होगा। इसके साथ ही उन्होंने अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। शेलार ने बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUC) वाले भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक लगाने का सुझाव दिया है। वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण के लिए नियमित जांच और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की जरूरत भी उनके प्रस्ताव का अहम हिस्सा है।

कचरा जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग
शहर में खुले में कचरा जलाने की घटनाओं को लेकर भी शेलार ने चिंता जताई है। उन्होंने ऐसी घटनाओं की शिकायत दर्ज कराने और उन पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक अलग हेल्पलाइन शुरू करने का सुझाव दिया। इस व्यवस्था से नागरिक कचरा जलाने की घटनाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे और समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नागरिकों की भागीदारी और प्रशासन की सक्रियता दोनों महत्वपूर्ण हैं। खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखकर वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। इसके लिए शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और जिम्मेदारियों लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई करना जरूरी होगा।
बेकरी और उद्योगों में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल पर जोर
पालकमंत्री ने लकड़ी और कोयले से चल-ने वाली बेकरी इकाइयों को स्वच्छ ईंधन की ओर स्थानांतरित करने का सुझाव भी दिया है। उनका मानना है कि ईंधन के इस्तेमाल से निकलने वाले धुएं को कम करने के लिए वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना जरूरी है। इसके अलावा, उद्योगों में भी हरित ईंधन के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। शेलार ने अपने पत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता बताई है। निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल, वाहनों का धुआं, कचरा जलाने की घटनाएं और पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर एक साथ ध्यान देने से प्रदूषण की समस्या से निपटने में मदद मिल सकती है।
पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में उपाय लागू करने की मांग
आशिष शेलार ने यह भी कहा है कि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय केवल मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इन्हें पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में लागू करने की जरूरत है। मुंबई और उस के आसपास के इलाकों में बढ़ती शहरी गतिविधियों को देखते हुए विभिन्न स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े से अपील की है कि बढ़ते वायु प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल और दीर्घकालीन उपायों पर काम किया जाए। सप्ताह में एक दिन निर्माण और तोड़फोड़ के काम बंद रखने, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई, सड़कों पर पानी का छिड़काव, कचरा जलाने पर रोक और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने जैसे सुझाव इसी दिशा में रखे गए हैं।
अब इन सुझावों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल, पालकमंत्री आशिष शेलार ने मुंबई की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने और उसे पूरे महानगर क्षेत्र में लागू करने की जरूरत पर जोर दिया है।



