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इंडिया ज्वेलरी पार्क से महाराष्ट्र बनेगा वैश्विक दागिने उद्योग का प्रमुख केंद्र – मुख्यमंत्री फडणवीस

India Jewelery Park will make Maharashtra a major center of global jewelery industry – Chief Minister Fadnavis

अंकिता सिंह/ मुंबई:  नवी मुंबई के महापे स्थित टीटी औद्योगिक क्षेत्र में ‘इंडिया ज्वेलरी पार्क, मुंबई’ परियोजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को महाराष्ट्र के दागिने उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र को वैश्विक स्तर पर दागिने निर्माण, व्यापार और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र की व्यावसायिक क्षमता, कुशल मनुष्यबळ, सुरक्षित औद्योगिक वातावरण और उद्यमिता की समृद्ध परंपरा राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन्हीं क्षमताओं के आधार पर महाराष्ट्र को दुनिया के प्रमुख ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की क्षमता है।

वैश्विक ज्वेलरी उद्योग में महाराष्ट्र की मजबूत पहचान बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि दुनिया में दागिने उद्योग तेजी से बदल रहा है और नई तकनीक, आधुनिक उत्पादन पद्धतियां तथा वैश्विक बाजार की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखना आवश्यक है। ऐसे समय में इंडिया ज्वेलरी पार्क महाराष्ट्र के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक व्यापार परिस्थितियों के अनुरूप आधुनिक तकनीक का स्वीकार करना और सरकार तथा उद्योग क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना इस परियोजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा। सरकार और उद्योग जगत के सहयोग से यह पार्क दागिने उद्योग के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इंडिया ज्वेलरी पार्क के माध्यम से महाराष्ट्र को वैश्विक दागिने उद्योग में महत्वपूर्ण स्थान हासिल करने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना देश के सबसे आधुनिक ज्वेलरी पार्कों में से एक बन ने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

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₹25 हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद

इस परियोजना से दागिने उद्योग में बड़े पैमाने पर निवेश आने की संभावना है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जानकारी दी कि इंडिया ज्वेलरी पार्क के माध्यम से लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है। इतने बड़े निवेश से ज्वेलरी निर्माण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को गति मिलने के साथ-साथ महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास को भी मजबूती मिलने की संभावना है। ज्वेलरी निर्माण के साथ-साथ डिजाइनिंग, प्रोसेसिंग, पॉलिशिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, निर्यात और अन्य सहायक सेवाओं से जुड़े उद्योगों को भी इस परियोजना का लाभ मिल सकता है।

एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद

इंडिया ज्वेलरी पार्क की सबसे बड़ी विशेषताओं में रोजगार सृजन भी शामिल है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अनुसार, इस परियोजना के माध्यम से करीब एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे कुशल और अर्धकुशल कामगारों के साथ-साथ डिजाइन, तकनीक, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, निर्यात और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले युवाओं के लिए भी अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। ज्वेलरी उद्योग से जुड़े पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने का भी अवसर इस परियोजना के माध्यम से मिल सकता है।

नवी मुंबई को मिल सकती है नई औद्योगिक पहचान

महापे स्थित टीटी औद्योगिक क्षेत्र में इस परियोजना के विकसित होने से नवी मुंबई के औद्योगिक क्षेत्र को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। मुंबई महानगर क्षेत्र में पहले से मौजूद मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क का लाभ ज्वेलरी उद्योग को मिल सकता है। नवी मुंबई की कनेक्टिविटी, औद्योगिक बुनियादी ढांचा और मुंबई से निकटता को देखते हुए यह क्षेत्र ज्वेलरी निर्माण और निर्यात से जुड़ी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

सरकार और उद्योग के बीच सहयोग पर जोर

मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी बड़े औद्योगिक प्रकल्प की सफलता के लिए सरकार और उद्योग क्षेत्र के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। इंडिया ज्वेलरी पार्क के माध्यम से दागिने उद्योग से जुड़े उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों को एक आधुनिक औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपना ने के साथ वैश्विक बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन क्षमता विकसित करना भी जरूरी है। इससे महाराष्ट्र के दागिने उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिल सकती है।

निर्यात बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

भारत का दागिने उद्योग देश की अर्थ-व्यवस्था और निर्यात क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में महाराष्ट्र में एक आधुनिक और संगठित ज्वेलरी पार्क विकसित होने से निर्यात क्षमता को बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। इंडिया ज्वेलरी पार्क के माध्यम से एक ही औद्योगिक परिसर में दागिने उद्योग से संबंधित विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे उत्पादन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाने के साथ वैश्विक ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार करने में भी मदद मिल सकती है।

महाराष्ट्र को वैश्विक ज्वेलरी हब बनाने की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में उपलब्ध कुशल मनुष्यबळ, उद्योजकता, औद्योगिक वातावरण और व्यावसायिक क्षमता का उपयोग करके राज्य को वैश्विक दागिने उद्योग में अग्रणी स्थान दिलाया जा सकता है। इंडिया ज्वेलरी पार्क इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। परियोजना के जरिए निवेश, रोजगार, उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के साथ महाराष्ट्र की औद्योगिक अर्थ-व्यवस्था को नई गति देने का प्रयास किया जाएगा। कुल मिलाकर, महापे में शुरू हुआ इंडिया ज्वेलरी पार्क महाराष्ट्र के ज्वेलरी उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है।

₹25 हजार करोड़ के संभावित निवेश और करीब एक लाख रोजगार के अवसरों के साथ यह परियोजना नवी मुंबई के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र के लिए आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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