अष्टमी पर सीएम योगी ने गुरु गोरखनाथ का किया पूजन
CM Yogi offered prayers to Guru Gorakhnath on Ashtami

गोरखपुर: शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि के पावन अवसर पर रविवार को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने शिवावतारी महायोगी गुरु गोरखनाथ के समक्ष शीश नवाया और लोककल्याण की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर पहुंच-कर पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धा निवेदित की। शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है। इस पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दर्शन-पूजन धार्मिक आस्था और गुरु परंपरा के प्रति उन-की श्रद्धा का प्रतीक रहा। उन्होंने गुरु गोरखनाथ का पूजन कर सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। साथ ही लोककल्याण और जनजीवन की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले श्री गोरखनाथ मंदिर में शिवावतारी महायोगी गुरु गोरखनाथ के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। गोरक्षपीठ की परंपरा में गुरु गोरखनाथ का विशेष स्थान है। नवरात्र के पावन दिनों में मंदिर में दर्शन-पूजन का विशेष धार्मिक महत्व रहा है। अष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री की पूजा-अर्चना इसी आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ी रही।
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गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर अर्पित की पुष्पांजलि
गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री अपने पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान गुरु के प्रति सम्मान और गोरक्षपीठ की परंपरा के प्रति उन-की आस्था दिखाई दी। महंत अवेद्यनाथ गोरक्षपीठ की परंपरा के प्रमुख संतों में शामिल रहे हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें अपना पूज्य गुरुदेव मानते हैं। गोरक्षपीठ में गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री का गुरु गोरखनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर पहुंच-कर पूजन करना इसी परंपरा के प्रति सम्मान को दर्शाता है। धार्मिक अवसरों पर गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के माध्यम से आध्यात्मिक आस्था और लोककल्याण की भावना को विशेष स्थान दिया जाता है।

सुख, शांति और समृद्धि की कामना
अष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। नवरात्र का पर्व शक्ति की उपासना और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर परिवार, समाज और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं। मुख्यमंत्री का गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी इसी धार्मिक भावना से जुड़ा रहा। रविवार को गोरक्षपीठ में हुए इस पूजन के दौरान गुरु गोरखनाथ के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को भी नमन किया।
शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर उनका यह धार्मिक कार्यक्रम गोरक्षपीठ की आध्यात्मिक परंपरा और गुरु के प्रति सम्मान को रेखांकित करता है।



