30 अक्टूबर से किन्नौर महोत्सव, चिट्टे के खिलाफ मैराथन
Kinnaur Festival to begin on October 30; marathon against chitta synthetic drugs to be held

शिमला: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में राज्यस्तरीय जनजातीय किन्नौर महोत्सव के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। चार दिवसीय यह महोत्सव 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस बार महोत्सव का आयोजन रिकांगपिओ में उपायुक्त कार्यालय के समीप नवनिर्मित महात्मा गांधी पार्क में होगा। इसके अलावा, कुछ स्टॉल बचत भवन तक भी लगाए जाएंगे। महोत्सव के माध्यम से किन्नौर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक रहन-सहन, स्थानीय कलाकारों, बागवानी और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। महोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासन की ओर से गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। उपायुक्त एवं मेला समिति की अध्यक्ष सोनाक्षी सिंह तोमर ने बताया कि आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के लिए बैठक आयोजित की गई है। संबंधित मंत्री के साथ हुई बैठक में भी महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की गई। प्रशासन का प्रयास है कि इस बार महोत्सव को अधिक आकर्षक और व्यापक बनाया जाए, ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों को भी किन्नौर की सांस्कृतिक
स्थानीय उत्पादों और कलाकारों को मिलेगा मंच
उपायुक्त सोनाक्षी सिंह तोमर के अनुसार, महोत्सव में अधिक से अधिक स्टॉल लगाने का प्रयास किया जाएगा। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक हस्तकला और क्षेत्र की अन्य गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादकों और कारोबार से जुड़े लोगों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ उनकी पहचान बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। किन्नौर अपनी विशिष्ट संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, लोककला और रीति-रिवाजों के लिए जाना जाता है। महोत्सव में इन सांस्कृतिक विशेषताओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। प्रशासन की योजना है कि अधिकांश सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को अवसर दिया जाए, ताकि क्षेत्र की प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिल सके। स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से किन्नौर की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को लोगों के सामने रखेंगे।

मिस किन्नौर और मिस्टर किन्नौर प्रतियोगिताएं होंगी आकर्षण
चार दिवसीय आयोजन के दौरान मिस किन्नौर और मिस्टर किन्नौर प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के जरिए प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय परंपराओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। आयोजन में किन्नौरी पारंपरिक व्यंजनों को भी विशेष स्थान दिया जाएगा। इसके लिए पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से किन्नौर के स्थानीय खानपान, पारंपरिक पकवानों और उन्हें तैयार करने की विधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। क्षेत्र की खानपान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और स्थानीय व्यंजनों को व्यापक पहचान दिलाने के लिहाज से भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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चिट्टे के खिलाफ जागरूकता अभियान, पुलिस के सहयोग से होगी मैराथन
इस बार किन्नौर महोत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक जागरूकता को भी इसका अहम हिस्सा बनाया जाएगा। समाज में चिट्टे के बढ़ते खतरे के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से महोत्सव के दौरान विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पुलिस के सहयोग से मैराथन आयोजित की जाएगी। मैराथन का उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त किन्नौर का संदेश देना है। प्रशासन के मुताबिक, महोत्सव जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजन के जरिए सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाएगा। मैराथन के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर रहेगा।
किन्नौर की संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन को उम्मीद है कि राज्यस्तरीय जनजातीय किन्नौर महोत्सव के जरिए जिले की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी। स्थानीय कलाकारों, उत्पादकों, बागवानी से जुड़े लोगों और पारंपरिक व्यंजनों को तैयार करने वालों के लिए यह आयोजन अपनी प्रतिभा और हुनर प्रदर्शित करने का अवसर बनेगा। साथ ही, महोत्सव के जरिए किन्नौर की परंपराओं और स्थानीय विशेषताओं को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है। उपायुक्त एवं मेला समिति की अध्यक्ष सोनाक्षी सिंह तोमर ने बताया कि प्रशासन आयोजन की तैयारियों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर रहा है।
30 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस चार दिवसीय महोत्सव में संस्कृति, स्थानीय प्रतिभाओं, पारंपरिक खानपान और नशे के खिलाफ जागरूकता जैसे विषयों को प्रमुखता दी जाएगी।



