महाअष्टमी पर जीणधाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
A massive surge of devotion witnessed at Jeendham on Maha Ashtami

जयपुर: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित शेखावाटी के प्रसिद्ध शक्तिपीठ जीणमाता धाम में महाअष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां जीण भवानी के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और माता के जयकारों से पूरा धाम गूंज उठा। महाअष्टमी पर आयोजित मुख्य मेले में दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और माता के दरबार में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। महाअष्टमी के विशेष अवसर पर मां जीण भवानी का आकर्षक शृंगार किया गया। माता को सिंदूरी चोला धारण करवाया गया और विधि-विधान के साथ पंचामृत से विशेष पूजन किया गया। इसके बाद माता को फलों का भोग अर्पित किया गया। सुबह साढ़े आठ बजे महाआरती हुई, जिसमें शामिल होकर श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। माता के दिव्य स्वरूप और मनमोहक शृंगार को देखकर भक्त भाव-विभोर नजर आए।
देशभर से मंगवाई गईं माता की पोशाकें
महाअष्टमी पर मां जीण भवानी के दरबार को विशेष रूप से सजाया गया। माता के शृंगार के लिए कोलकाता, जयपुर, मुंबई, सीकर और अजमेर सहित विभिन्न स्थानों से पोशाकें मंगवाई गईं। आकर्षक पोशाकों और पारंपरिक शृंगार से माता का दरबार भव्य नजर आया। मंदिर परिसर को फूलों और रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव और आध्यात्मिक उल्लास का माहौल बना रहा। सुबह से ही मंदिर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। भक्त कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। माता के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना की। महाअष्टमी के अवसर पर जीणमाता धाम में उमड़ी भीड़ ने इस शक्तिपीठ के प्रति लोगों की गहरी आस्था को एक बार फिर प्रदर्शित किया।
जात-जड़ूले उतारकर भक्तों ने मांगी मनोकामना पूर्ति की मन्नत
जीणमाता धाम में महाअष्टमी के अवसर पर धार्मिक परंपराओं का विशेष महत्व देखने को मिला। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने परंपरा के अनुसार जात-जड़ूले उतारकर मां जीण भवानी के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। भक्तों ने माता के चरणों में धोक लगाई और परिवार के सदस्यों के बेहतर स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि तथा जीवन में खुशहाली की प्रार्थना की। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ माता के दर्शन करने पहुंचे। उनके चेहरों पर उत्साह और भक्ति का भाव दिखाई दिया। श्रद्धालुओं के लिए महाअष्टमी का यह अवसर केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिवार के साथ आस्था के इस पर्व में शामिल होने और माता का आशीर्वाद लेने का विशेष अवसर भी बना।
भजनों और जयकारों से भक्तिमय हुआ जीणमाता धाम
मंदिर परिसर में भजनों की मधुर स्वर लहरियों और मां जीण भवानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर माता के जयकारे लगाते नजर आए। महाअष्टमी के मुख्य मेले के दौरान पूरे धाम में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास का माहौल दिखाई दिया। माता के दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों ने पूजा-अर्चना की और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की। जीणमाता धाम में महाअष्टमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर इस धार्मिक स्थल की महत्ता को रेखांकित किया। विशेष शृंगार, पंचामृत पूजन, महाआरती और पारंपरिक धार्मिक आयोजनों के बीच पूरा धाम मां की भक्ति में सराबोर नजर आया।
श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की और भक्तिमय वातावरण के बीच पर्व मनाया।



