होर्मुज से रोमानिया तक जहाजों पर हमले, भारत के सभी नाविक सुरक्षित
Attacks on ships from Hormuz to Romania all Indian sailors safe.

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। होर्मुज स्ट्रेट और रोमानिया के सुलिना एंकरेज में दो अलग-अलग जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। राहत की बात यह है कि दोनों जहाजों पर सवार सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इन घटनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जहाज प्रबंधन कंपनियों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर पर हमला
16 अक्टूबर को होर्मुज स्ट्रेट में कच्चे तेल के टैंकर MT ST 3 पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इस जहाज पर कुल 15 भारतीय नाविक सवार थे। हमले के बावजूद जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। घटना में किसी भारतीय नाविक के घायल होने या जान गंवाने की सूचना नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय परिवहन होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य या सुरक्षा संकट वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
रोमानिया में केमिकल टैंकर को ड्रोन से निशाना बनाया गया
दूसरी घटना 14 अक्टूबर को रोमानिया के सुलिना एंकरेज में हुई। यहां केमिकल टैंकर YARA J को ड्रोन से निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस जहाज पर 9 भारतीय नाविक मौजूद थे। हमले के बावजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं। इस घटना में भी किसी के घायल होने या हताहत होने की जानकारी नहीं है। दो अलग-अलग स्थानों पर जहाजों को निशाना बनाए जाने से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
भारत सरकार ने बढ़ाई निगरानी
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार दोनों घटनाओं पर लगातार नजर रख रही है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित जहाज प्रबंधन कंपनियों के साथ संपर्क बनाए रखा गया है। भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक वैश्विक समुद्री परिवहन क्षेत्र में काम करते हैं। दुनिया के अलग-अलग समुद्री मार्गों पर भारतीय नाविक वाणिज्यिक जहाजों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
UNSC में भी भारत ने उठाया समुद्री सुरक्षा का मुद्दा
इससे पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री नौवहन को निशाना बनाए जाने की घटनाओं की कड़ी निंदा की थी। भारत ने तनाव को तत्काल कम करने की अपील करते हुए कहा है कि विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए। साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
समुद्री व्यापार के लिए बढ़ती चुनौती
होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर तनाव बढ़ने से सिर्फ जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और परिवहन लागत पर भी पड़ सकता है।
इन दोनों घटनाओं में राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। भारत सरकार द्वारा घटनाओं पर लगातार नजर रखे जाने और संबंधित कंपनियों के साथ समन्वय किए जाने से नाविकों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और मजबूत हुई है।



