दूध से लेकर स्कूल के बाहर वाले जंक फूड तक, खाद्य सुरक्षा अभियान तेज
From milk to junk food sold outside schools, food safety drive intensified
सातारा: लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सतारा जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जिले के दूध उत्पादक संस्थानों, दूध संग्रह केंद्रों, दूध परिवहनकर्ताओं, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों और खाद्य विक्रेताओं को आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
दूध परिवहन में प्लास्टिक कैन के इस्तेमाल से बचने की अपील
दूध के परिवहन के दौरान प्लास्टिक के डिब्बों या कैन का बार-बार इस्तेमाल किए जाने पर प्रशासन ने चिंता जताई है। ऐसे डिब्बों के लंबे समय तक इस्तेमाल से प्लास्टिक के कण दूध में मिल जाने की आशंका रहती है, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, दूध को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते समय निर्धारित तापमान बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। तापमान नियंत्रण में लापरवाही होने पर दूध जल्दी खराब हो सकता है और उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में दूध के परिवहन के लिए प्लास्टिक के डिब्बों के बजाय स्टेनलेस स्टील के कैन का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
होटल और रेस्टोरेंट में खाद्य रंगों के इस्तेमाल पर नजर
सतारा जिले के होटल, रेस्टोरेंट, चाइनीज सेंटर, बिरयानी सेंटर और अन्य रेडीमेड खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। खाद्य पदार्थों में अनधिकृत या निर्धारित सीमा से अधिक फूड कलर का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई है। प्रशासन के अनुसार, निर्धारित नियमों के तहत खाद्य रंगों का उपयोग केवल अनुमत खाद्य पदार्थों में और निर्धारित मात्रा में ही किया जा सकता है। मिठाई और बेकरी उत्पादों में भी खाद्य रंग का इस्तेमाल तय सीमा, यानी 100 पीपीएम तक, के भीतर ही किया जाना चाहिए।
स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में भी सख्ती
बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के आसपास बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर भी प्रशासन की नजर है। महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशों के अनुसार, स्कूल के गेट के 50 मीटर के दायरे में अधिक मात्रा में चीनी, नमक और तेल वाले खाद्य पदार्थों के उत्पादन और बिक्री पर रोक संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। जिले के स्कूल परिसरों और उनके आसपास खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं से अपील की गई है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री न करें।
विशेष अभियान के तहत होगी कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के स्थानीय जिला कार्यालय की ओर से इस संबंध में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान प्लास्टिक कैन का इस्तेमाल कर दूध का परिवहन करने वालों, नियमों के विपरीत खाद्य रंगों का इस्तेमाल करने वाले होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों तथा स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में अधिक चीनी, नमक और तेल वाले खाद्य पदार्थ बेचने वालों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दूध उत्पादकों, परिवहनकर्ताओं, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों और खाद्य विक्रेताओं से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करें और नागरिकों, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रशासन के अभियान में सहयोग करें।



