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जयशंकर बोले—भारत नई वैश्विक साझेदारियां तलाश रहा है

Jaishankar said—India is seeking new global partnerships.

AIR, मुख्यालय:  विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच देश अपनी विशेष परिस्थितियों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए नई साझेदारियां और नए विकल्प तलाश रहे हैं। उन्होंने भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच मजबूत होते संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में दोनों देशों की साझेदारी इस दिशा में किए गए प्रयासों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। डॉ. जयशंकर ने यह बात अबू धाबी में आयोजित रायसीना पश्चिम एशिया कार्यक्रम के एक सत्र को संबोधित करते हुए कही। इस सत्र में संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान भी उपस्थित थे। चर्चा के दौरान बदलती वैश्विक परिस्थितियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के महत्व पर विचार रखे गए।

बदलती वैश्विक व्यवस्था में नई साझेदारियों पर जोर

विदेश मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक व्यवस्था तेजी से बदल रही है। ऐसे में देशों के लिए इन बदलावों की गति और उनके प्रभावों को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देश अपनी परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार निर्णय ले रहे हैं तथा सहयोग के नए रास्ते तलाश रहे हैं। डॉ. जयशंकर के अनुसार, इस प्रक्रिया में पारंपरिक साझेदारियों के दायरे से आगे बढ़ना और अधिक मजबूत रणनीतिक समझ विकसित करना भी शामिल है। बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में देशों के बीच सहयोग को नई परिस्थितियों के अनुरूप ढालना महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने बहुपक्षवाद में तत्काल सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। बहुपक्षवाद ऐसी व्यवस्था है, जिसमें कई देश साझा मुद्दों पर मिलकर काम करते हैं। विदेश मंत्री ने संकेत दिया कि वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और सहयोग की व्यवस्थाओं को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप बनाना जरूरी है।

भारत-यूएई संबंधों को बताया महत्वपूर्ण उदाहरण

डॉ. जयशंकर ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच पिछले एक दशक में विकसित हुई साझेदारी को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध इस बात का उदाहरण हैं कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में देश किस तरह आपसी सहयोग को मजबूत कर सकते हैं और नए अवसर तलाश सकते हैं। भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत विभिन्न द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग किया जा रहा है। अबू धाबी में आयोजित कार्यक्रम ने दोनों देशों के बीच संवाद और रणनीतिक सहयोग को लेकर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान किया।

यूएई के विदेश मंत्री से द्विपक्षीय बैठक

कार्यक्रम के दौरान डॉ. जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक भी की। बैठक में भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा भारत और यूएई के संबंधों को आगे बढ़ाने तथा साझा हितों से जुड़े विषयों पर संवाद के महत्व को दर्शाती है।

जॉर्जिया के विदेश मंत्री से भी मुलाकात

डॉ. जयशंकर ने जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोचोरिशविली से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार देने पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और जॉर्जिया के बीच व्यापार, पर्यटन और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में संबंधों का विस्तार हो रहा है। दोनों पक्षों ने मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। अबू धाबी में हुई इन बैठकों और रायसीना पश्चिम एशिया कार्यक्रम में डॉ. जयशंकर के संबोधन के दौरान बदलती वैश्विक व्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग और नई रणनीतिक साझेदारियों का महत्व प्रमुखता से सामने आया।

भारत की ओर से विभिन्न देशों के साथ संवाद और सहयोग बढ़ाने के प्रयास इसी व्यापक कूटनीतिक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं।

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