इंडियन कोस्ट गार्ड को मिली नई ताकत, बेड़े में शामिल हुआ ALH Mk-3
Indian Coast Guard gets a boost; indigenous ALH Mk-3 joins the fleet.
रत्नागिरी। पश्चिमी तट की समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में इंडियन कोस्ट गार्ड को बड़ी मजबूती मिली है। रत्नागिरी स्थित कोस्ट गार्ड एयर बेस पर स्वदेशी Advanced Light Helicopter (ALH) Mk-3, CG-875 को इंडियन कोस्ट गार्ड के वेस्टर्न डिवीज़न के बेड़े में शामिल किया गया। नए हेलीकॉप्टर के एयर बेस पर पहुंचने पर उसका विशेष वॉटर कैनन सैल्यूट के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर कोस्ट गार्ड एयर बेस के कमांडिंग ऑफिसर ने हेलीकॉप्टर के साथ पहुंचे क्रू का स्वागत किया और इसे इंडियन कोस्ट गार्ड की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पश्चिमी तट की सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती
ALH Mk-3 के शामिल होने से पश्चिमी तट पर इंडियन कोस्ट गार्ड की ऑपरेशनल और निगरानी क्षमताओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। रत्नागिरी सहित महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र में तटीय सुरक्षा, समुद्री निगरानी और विभिन्न ऑपरेशनल मिशनों के लिए हेलीकॉप्टर की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। पश्चिमी तट देश की समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां समुद्री यातायात, व्यापारिक गतिविधियों और तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी और तेज प्रतिक्रिया क्षमता की आवश्यकता रहती है। ऐसे में आधुनिक तकनीक से लैस नए हेलीकॉप्टर का बेड़े में शामिल होना कोस्ट गार्ड की तैयारियों को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
स्वदेशी तकनीक से लैस है ALH Mk-3
Advanced Light Helicopter Mk-3 स्वदेशी विमानन तकनीक की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। आधुनिक एवियोनिक्स और विभिन्न मिशन जरूरतों के अनुरूप क्षमताओं से लैस यह हेलीकॉप्टर इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए समुद्री क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के ऑपरेशनल कार्यों में उपयोगी साबित हो सकता है। हेलीकॉप्टर की आधुनिक तकनीक और बेहतर ऑपरेशनल क्षमताएं समुद्र में निगरानी तथा जरूरत के समय तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं। इसके अलावा, समुद्री सुरक्षा अभियानों में हवाई निगरानी की भूमिका को देखते हुए ऐसे प्लेटफॉर्म कोस्ट गार्ड की समग्र क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
रत्नागिरी एयर बेस की भूमिका होगी और अहम
ALH Mk-3 CG-875 के शामिल होने के साथ रत्नागिरी कोस्ट गार्ड एयर बेस की भूमिका भी और महत्वपूर्ण हो गई है। पश्चिमी तट पर तैनात एयर एसेट्स समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित ऑपरेशनल मिशनों में तेजी से सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नए हेलीकॉप्टर की तैनाती से क्षेत्र में इंडियन कोस्ट गार्ड की एयर सर्विलांस और ऑपरेशनल रिस्पॉन्स क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
समुद्री सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
ALH Mk-3 का इंडियन कोस्ट गार्ड के वेस्टर्न डिवीज़न में शामिल होना न केवल समुद्री सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्वदेशी रक्षा और विमानन क्षमताओं को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा सकता है।
रत्नागिरी में CG-875 का आगमन पश्चिमी तट पर कोस्ट गार्ड की मौजूदगी और ऑपरेशनल तैयारियों को और मजबूत करेगा। आधुनिक तकनीक से लैस इस हेलीकॉप्टर के शामिल होने से समुद्री निगरानी और विभिन्न ऑपरेशनल जरूरतों के दौरान कोस्ट गार्ड की कार्यक्षमता में और सुधार आने की उम्मीद है।



