चामुंडा मंदिर में 61 ब्राह्मण कर रहे महायज्ञ, अष्टमी पर लगेगा 108 व्यंजनों का भोग
61 Brahmins are performing a Mahayajna at the Chamunda Temple; an offering of 108 dishes will be made on Ashtami.

कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में शारदीय नवरात्र के अवसर पर इन दिनों धार्मिक आस्था और भक्ति का विशेष माहौल बना हुआ है। नवरात्र के उपलक्ष्य में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिर में सहस्रचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 61 ब्राह्मण विधि-विधान के साथ भाग ले रहे हैं। नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा-अर्चना की जा रही है। इस दौरान श्रद्धालु मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर के पुजारी ओमकार व्यास ने बताया कि शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिर में सहस्रचंडी महायज्ञ के साथ कई अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी किए जा रहे हैं। इनमें महारुद्र यज्ञ, अभिषेकात्मक पूजा, गायत्री जाप, गणपति जाप और नवार्ण मंत्र जाप प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर में देवी भागवत और रामायण का पाठ भी किया जा रहा है। इन धार्मिक आयोजनों के माध्यम से मां भगवती की आराधना की जा रही है और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना में भाग ले रहे हैं। पुजारी ओमकार व्यास ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-पाठ का क्रम जारी रहेगा। इस दौरान सहस्रचंडी महायज्ञ सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित विधि-विधान के अनुसार संपन्न किए जाएंगे। मंदिर में आयोजित इन कार्यक्रमों का विशेष आकर्षण नवरात्र की अष्टमी को होने वाले धार्मिक आयोजन होंगे, जिनकी तैयारियां की जा रही हैं।
19 अक्टूबर को अष्टमी पर मां का बदला जाएगा चोला
नवरात्र की अष्टमी के अवसर पर 19 अक्टूबर को श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दिन मां चामुंडा का चोला बदला जाएगा और माता रानी को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। अष्टमी के इस विशेष आयोजन के दौरान शास्त्रीय संगीत और कीर्तन का भी आयोजन होगा। धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति संगीत के माध्यम से मां भगवती की आराधना की जाएगी। अष्टमी पर होने वाले इन कार्यक्रमों के बाद 20 अक्टूबर को सहस्रचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति की जाएगी। इसके साथ ही मंदिर में शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे धार्मिक कार्यक्रमों का समापन होगा। नवरात्र के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना, मंत्र जाप, कथा-पाठ और यज्ञ जैसे अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहेगा।
निर्माण कार्य के चलते श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
पुजारी ओमकार व्यास ने बताया कि मंदिर परिसर में इन दिनों निर्माण कार्य भी चल रहा है। इसके कारण मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने भक्तों से अपील की कि वे मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और निर्माण कार्य के चलते होने वाली असुविधा को समझते हुए मंदिर प्रशासन का साथ दें।
उन्होंने कहा कि नवरात्र मां भगवती की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। इस दौरान मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से माता रानी की पूजा की जा रही है। पुजारी ओमकार व्यास ने मां चामुंडा से सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की कामना की।



