भोपाल में वंदे मातरम् शिविर-2026 का शुभारंभ
Launch of Vande Mataram Camp-2026 in Bhopal

भोपाल : वंदे मातरम् के गौरवशाली 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मेरा युवा भारत, मध्यप्रदेश द्वारा भोपाल में आयोजित सात दिवसीय ‘वंदे मातरम् शिविर-2026’ का आज शुभारंभ हुआ। खेल एवं युवा विकास मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए 150 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने सहभागिता की। शिविर का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति, संवैधानिक मूल्यों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और नेतृत्व क्षमता की भावना को सुदृढ़ करना है। शिविर के शुभारंभ अवसर पर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विभिन्न राज्यों से आए युवाओं से संवाद किया और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, राष्ट्रीय गौरव, एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है। इसकी 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभक्ति की भावना को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।
वंदे मातरम् शिविर से युवाओं को क्या लाभ मिलेगा
मंत्री सारंग ने कहा कि इस सात दिवसीय शिविर के माध्यम से युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने के साथ-साथ उन्हें देश की विविध संस्कृतियों, परंपराओं और विचारों को समझने का अवसर मिलेगा। अलग-अलग राज्यों से आए युवाओं का एक मंच पर एकत्र होना सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और आपसी सद्भाव, सहयोग तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि आज का युवा देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं में अपार ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता है। यदि इस क्षमता का सकारात्मक दिशा में उपयोग किया जाए, तो देश विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है। ऐसे शिविर युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, नए विचारों को समझने और सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान करते हैं।
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में युवाओं की क्या भूमिका है
मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में युवा पीढ़ी की भूमिका निर्णायक है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए शिक्षा, कौशल, नवाचार, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देना होगा। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा और संकल्प को देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। युवाओं में संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इस दिशा में युवा केंद्रित शिविर और कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
भोपाल में आयोजित यह सात दिवसीय ‘वंदे मातरम् शिविर-2026’ देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं को विचारों और अनुभवों को साझा करने का अवसर प्रदान करेगा। शिविर के माध्यम से राष्ट्रीय भावना, सांस्कृतिक विविधता, युवा नेतृत्व और विकसित भारत के संकल्प जैसे विषयों पर युवाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित यह शिविर युवाओं को भारत की गौरवशाली विरासत से जोड़ने और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।



