नवी मुंबई में अभिजात मराठी भाषा सप्ताह का शुभारंभ
Inauguration of the 'Elite Marathi Language Week' in Navi Mumbai
नवी मुंबई; सान्वी देशपांडे : नवी मुंबई महानगरपालिका की ओर से अभिजात मराठी भाषा सप्ताह के अवसर पर विभिन्न गतिविधियों की शुरुआत की गई। सप्ताह के उद्घाटन अवसर पर प्रसिद्ध व्याख्याता डॉ. संजय उपाध्ये के ‘मातृभाषा और मन की शांति’ विषय पर आधारित एक विशेष संवादात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महानगरपालिका के अधिकारी-कर्मचारी तथा मराठी भाषा और साहित्य में रुचि रखने वाले नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटिल, उपमहापौर दशरथ भगत, महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे और अतिरिक्त आयुक्त सुनील पवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, भावनाओं की पहचान
कार्यक्रम का मार्गदर्शन करते हुए डॉ. संजय उपाध्ये ने मातृभाषा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा का संरक्षण, संवर्धन और प्रभावी उपयोग केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक मराठी भाषी व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भाषा के प्रति सम्मान केवल भाषणों और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जब तक व्यक्ति स्वयं अपनी भाषा के प्रति भीतर से गर्व महसूस नहीं करता और उसे रोजमर्रा के व्यवहार में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल नहीं करता, तब तक भाषा के विकास की अपेक्षा करना उचित नहीं है।
‘दूसरों को दोष देने से पहले खुद से सवाल करें’
डॉ. उपाध्ये ने उपस्थित लोगों से आत्मचिंतन करने का आह्वान करते हुए कहा कि अभिजात मराठी भाषा सप्ताह मनाते समय प्रत्येक व्यक्ति को खुद से यह सवाल करना चाहिए कि वह मराठी भाषा के लिए वास्तव में क्या कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाषा को जीवंत रखने के लिए उसे घर, कार्यालय, बाजार, सामाजिक व्यवहार और सार्वजनिक जीवन में अधिक से अधिक इस्तेमाल करना आवश्यक है। केवल दूसरों को मराठी भाषा का कम उपयोग करने के लिए दोषी ठहराने के बजाय हमें स्वयं अपने व्यवहार में बदलाव लाने की जरूरत है।
हास्य और कविता से भाषा को बनाएं सहज और लोकप्रिय
डॉ. संजय उपाध्ये ने कहा कि मराठी भाषा के संरक्षण और प्रसार के लिए गंभीर प्रयासों के साथ-साथ हास्य, कविता, साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति का भी उपयोग किया जा सकता है। रोजमर्रा की जिंदगी में मराठी को सहज रूप से अपनाने से भाषा नई पीढ़ी के साथ और मजबूती से जुड़ सकती है।
मराठी भाषा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प
इस अवसर पर महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे ने कहा कि मराठी भाषा और संस्कृति के संवर्धन के लिए सभी को व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवी मुंबई महानगरपालिका और नागरिक मिलकर मराठी भाषा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अभिजात मराठी भाषा सप्ताह के अंतर्गत महानगरपालिका की ओर से आने वाले दिनों में भी विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक और भाषाई गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में मराठी भाषा के प्रति आत्मीयता, गौरव और दैनिक जीवन में इसके अधिकाधिक उपयोग की भावना को मजबूत करना है।



