उपराष्ट्रपति ने ICSI के 58वें स्थापना दिवस समारोह को किया संबोधित
Vice President C.P. Radhakrishnan addressed the 58th Foundation Day celebrations of ICSI.
नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) के 58वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने ICSI समुदाय को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पारदर्शी, नैतिक और समावेशी कॉर्पोरेट प्रशासन को मजबूत करने में संस्थान के लगभग छह दशक के योगदान की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ICSI का विकास और बदलाव देश में कंपनी सचिव के पेशे के निरंतर विस्तार को दर्शाता है। आज कंपनी सचिव केवल अनुपालन तक सीमित भूमिका नहीं निभा रहे हैं, बल्कि वे कॉर्पोरेट पारदर्शिता, निवेशकों के विश्वास और भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
AI और डेटा एनालिटिक्स के दौर में बदल रही भूमिका
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उन्नत डेटा एनालिटिक्स और तेजी से बदलते कारोबारी मॉडल के दौर में कंपनी सचिवों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने कंपनी सचिवों से भारतीय उद्योग की कानूनी, रणनीतिक और नैतिक नींव को मजबूत बनाए रखने के लिए ‘गवर्नेंस के संरक्षक’ के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक सूचना तैयार करने और निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, लेकिन ईमानदारी, जवाबदेही, पारदर्शिता और जिम्मेदारी मानवीय मूल्यों से ही जुड़ी रहती है।
निवेशकों के विश्वास को बताया अर्थव्यवस्था का आधार
सी. पी. राधाकृष्णन ने विश्वास, पारदर्शिता और मजबूत कॉर्पोरेट प्रशासन को आधुनिक अर्थव्यवस्था का ‘अदृश्य बुनियादी ढांचा’ बताया। उन्होंने कहा कि देश की निरंतर आर्थिक प्रगति के लिए निवेशकों का विश्वास बेहद महत्वपूर्ण है और कंपनी सचिव इस पूरी व्यवस्था के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी सचिव उद्यमों, स्टार्ट-अप, पारिवारिक व्यवसायों और सूचीबद्ध कंपनियों को जिम्मेदारी, पारदर्शिता और बेहतर प्रशासन के साथ आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विकसित भारत @2047 में पेशेवर संस्थानों की भूमिका
उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत संस्थान और प्रभावी शासन व्यवस्था उतनी ही जरूरी है जितना मजबूत भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचा। उन्होंने ICAI, ICMAI और ICSI की पूरक भूमिकाओं को रेखांकित करते हुए इन पेशेवर संस्थानों को भारत के मजबूत कॉर्पोरेट और आर्थिक इकोसिस्टम के महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
युवाओं को पेशे में अवसर देने पर जोर
उपराष्ट्रपति ने युवाओं के लिए कंपनी सचिव के पेशे में प्रवेश के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने ICSI की शुल्क-माफी पहल की सराहना करते हुए छात्रों तक लगातार पहुंच बनाने और उन्हें पेशेवर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।
MSME Compliance Calendar 2027 लॉन्च
समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने MSME Compliance Calendar 2027 का शुभारंभ किया। उन्होंने MSME और स्टार्ट-अप क्षेत्र के लिए ICSI द्वारा की जा रही पहलों की सराहना की। इनमें ICSI MSME और स्टार्ट-अप उत्प्रेरक जैसी पहलें शामिल हैं, जिनका उद्देश्य छोटे व्यवसायों और नए उद्यमों को बेहतर अनुपालन तथा कॉर्पोरेट प्रशासन की दिशा में सहयोग प्रदान करना है।
‘शहीद की बेटी’ पहल की भी सराहना
उपराष्ट्रपति ने ‘शहीद की बेटी’ पहल के तहत राष्ट्रीय रक्षा कोष और रक्षा मंत्रालय के सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में ICSI के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा, “जब इरादा अच्छा होगा, तो सब कुछ अच्छा होगा।”
ICSI का 58वां स्थापना दिवस समारोह ऐसे समय में आयोजित हुआ, जब भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्ट-अप, MSME और वैश्विक निवेश के नए दौर में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में मजबूत कॉर्पोरेट प्रशासन, पारदर्शिता और नैतिक कारोबारी व्यवस्था को भारत की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।



