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फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार के शौर्य की केंद्रीय राज्य मंत्री ने की तारीफ

Union Minister of State praises the bravery of Flydubai Captain Smit Machhar.

हरियाणा, फरीदाबाद: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में जानलेवा स्थिति के बीच अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की देशभर में चर्चा हो रही है। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने भी कैप्टन मच्छार के साहस और पराक्रम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने जिस तरह परिस्थिति का सामना किया, वह असाधारण साहस का उदाहरण है। उनके मुताबिक कैप्टन मच्छार के इस पराक्रम की भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा और प्रशंसा हो रही है। उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छार ने देश का गौरव बढ़ाया है और उनके साहस पर सभी को गर्व है। यह घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई। बोइंग 737 MAX 8 विमान दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रहा था। विमान में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार और उनके सह-पायलट के बीच हिंसक संघर्ष हुआ। इस दौरान कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा।

विमान कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आ गया। इस दौरान विमान से आपातकालीन संकेत भी भेजे गए। रिपोर्टों के मुताबिक हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों को कॉकपिट तक पहुंचने का मौका मिला। यात्रियों ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद अतिरिक्त प्रशिक्षित पायलटों ने इसके बाद विमान को संभालने और सुरक्षित रूप से डायवर्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

स्थिति को नियंत्रित करने के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक की ओर डायवर्ट किया गया। विमान ने वहां सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग की। घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। विमान में सवार सभी 174 यात्रियों की जान बच गई। इस पूरे घटनाक्रम में सिर्फ कैप्टन मच्छार ही नहीं, बल्कि विमान में मौजूद कुछ यात्रियों और अन्य पायलटों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। कॉकपिट तक पहुंचने के बाद यात्रियों ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की, जबकि विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को स्थिर करने और सुरक्षित लैंडिंग की प्रक्रिया में सहयोग किया।

 यात्री यानिव हायून समेत अन्य यात्रियों के हस्तक्षेप का भी उल्लेख किया गया है। कुछ यात्रियों ने हमलावर को काबू करने के लिए उपलब्ध सामान का इस्तेमाल किया। कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय नागरिक हैं और फ्लाईदुबई में कैप्टन के तौर पर कार्यरत हैं।  वह इससे पहले स्पाइसजेट में भी काम कर चुके हैं। उनके पास हजारों घंटे का उड़ान अनुभव होने की जानकारी दी गई है। उनकी इसी विमानन विशेषज्ञता और आपात स्थिति में लिए गए फैसलों को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। घटना से जुड़े हमले के मकसद और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। इसलिए हमले की मंशा को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। घटना के बाद कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा कई स्तरों पर हुई है। भारतीय क्रिकेट जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने भी उनके साहस की सराहना की है।

इस पूरे घटनाक्रम में कैप्टन मच्छार द्वारा गंभीर चोट के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने और यात्रियों तथा अन्य क्रू सदस्यों को हस्तक्षेप का अवसर देने की बात विशेष रूप से सामने आई है। इसी वजह से उनकी भूमिका को इस विमान संकट के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।

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