गांधी और शास्त्री जयंती पर मंडी में प्रभात फेरी, दोनों महान विभूतियों को किया नमन
Prabhat Pheri' held in Mandi on Gandhi and Shastri Jayanti tributes paid to both great figures.

हिमाचल प्रदेश,शिमला: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर छोटी काशी मंडी में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला प्रशासन और जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शहर में प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी में शामिल लोगों ने भजन-कीर्तन करते हुए आपसी भाईचारे, शांति और सद्भाव का संदेश दिया। प्रभात फेरी शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए गांधी चौक पहुंची। यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लोगों ने राष्ट्रपिता के बताए सत्य और अहिंसा के मार्ग को याद किया और उनके विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इसके बाद सेरी मंच और गांधी भवन में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोगों ने भजनों के माध्यम से प्रभु का सुमिरन किया और महात्मा गांधी के शांति, अहिंसा तथा सद्भाव के संदेश को याद किया।
मंडी जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से गांधी भवन में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर ने महात्मा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश उनके योगदान को कभी भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश और समाज को नई दिशा दिखाई। चंपा ठाकुर ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और सभी को उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने गांधी जी के सत्य, अहिंसा और आपसी भाईचारे के संदेश को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। उनके सादगीपूर्ण जीवन, देश के प्रति समर्पण और राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी दोनों ने अपने-अपने तरीके से देश की सेवा की और लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने। गांधी जी ने सत्य और अहिंसा का संदेश दिया, वहीं शास्त्री जी ने सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र सेवा के आदर्श प्रस्तुत किए। मंडी में आयोजित प्रभात फेरी और अन्य कार्यक्रमों का मुख्य संदेश आपसी भाईचारा, शांति और सद्भाव रहा। भजन-कीर्तन के माध्यम से लोगों को समाज में प्रेम और एकता बनाए रखने का संदेश दिया गया।
गांधी और शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में लोगों ने दोनों महान विभूतियों के विचारों को याद करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।



