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MPSC सचिव का होगा तबादला, अध्यक्ष-सदस्यों की न्यायिक जांच का आश्वासन

MPSC Secretary to be transferred assurance given of a judicial inquiry into the Chairman and members.

महाराष्ट्र, मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की कार्यप्रणाली और मौजूदा एवं पूर्व पदाधिकारियों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने MPSC अभ्यर्थियों को कई महत्वपूर्ण आश्वासन दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग के मौजूदा और पूर्व अध्यक्षों एवं सदस्यों की कार्यप्रणाली की न्यायिक जांच तीन महीने के भीतर पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने MPSC अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में आयोग के सचिव के तत्काल तबादले का भी आश्वासन दिया। विद्यार्थियों की ओर से MPSC अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की गई थी। इस पर सरकार की ओर से बताया गया कि अध्यक्ष संवैधानिक पद है और उन्हें हटाने की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत होती है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में MPSC की परीक्षा पद्धति को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला सामने आया। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि MPSC की सभी परीक्षाएं ऑफलाइन ही आयोजित की जाएंगी। परीक्षा के तरीके में किसी भी बदलाव से पहले अभ्यर्थियों और संबंधित हितधारकों से चर्चा की जाएगी। भर्ती को लेकर सरकार ने बड़े स्तर पर रिक्त पदों को भरने की तैयारी की जानकारी दी। जनवरी में होने वाली गट-क संयुक्त परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की अभ्यर्थियों की मांग को स्वीकार किया गया है। सरकार ने इसे बड़े स्तर की वृद्धि बताया है। साथ ही अगले तीन वर्षों की रिक्तियों को लेकर एक व्यापक भर्ती योजना तैयार करने की बात कही गई है। इसका पूरा रोडमैप करीब एक महीने में तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है।

सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि सेवानिवृत्ति के कारण भविष्य में खाली होने वाले पदों की पहचान पहले से की जाएगी और भर्ती प्रक्रिया समय रहते शुरू करने की योजना है। विभिन्न विभागों के सेवा नियमों में भी बदलाव किया जा रहा है। अभ्यर्थियों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की परेशानी से राहत देने के लिए ‘सिंगल कार्ड’ व्यवस्था शुरू करने की तैयारी भी है। इसके तहत उम्मीदवारों को अलग-अलग MPSC परीक्षाओं के लिए एक ही तरह के दस्तावेज बार-बार जमा नहीं करने पड़ेंगे।

मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद MPSC अभ्यर्थियों ने 2 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया। अब विद्यार्थियों की नजर सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर रहेगी। MPSC अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में न्यायिक जांच, सचिव के तबादले, ऑफलाइन परीक्षा, भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने और दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे कई मुद्दों पर आश्वासन दिए गए हैं। न्यायिक जांच और अन्य सुधारों की समयसीमा को लेकर अब सरकार की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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