नशे के खिलाफ कांगड़ा प्रशासन सख्त, संपत्तियों पर कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी तेज
Kangra administration cracks down on drugs awareness campaigns intensified alongside action against properties.

हिमाचल प्रदेश, कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में नशे के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन की कार्रवाई अब केवल नशे के कारोबार में शामिल लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने के लिए जनजागरूकता अभियान भी तेज किया गया है। प्रशासन का फोकस नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने के साथ-साथ समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर है। जिले में चल रहे एंटी चिट्टा अभियान के तहत नशे के कारोबार से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन और पुलिस की ओर से नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगाना है। जिले में NDPS अधिनियम के तहत अब तक 5 करोड़ 46 लाख रुपये की राशि वसूल की जा चुकी है। वहीं, PIT-NDPS अधिनियम के तहत 38 मामलों में प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजे गए हैं।
नशे के कारोबार में संलिप्त पाए गए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी प्रशासन ने कार्रवाई की है। अब तक 6 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई है। यह कार्रवाई इस बात को दर्शाती है कि नशे से जुड़े मामलों में प्रशासन सरकारी कर्मचारियों सहित सभी स्तरों पर कार्रवाई पर जोर दे रहा है। जिले के नूरपुर क्षेत्र में भी नशे के खिलाफ कार्रवाई का बड़ा असर सामने आया है। यहां 17 मामलों में करीब 29 करोड़ 96 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं। नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की संपत्तियों पर कार्रवाई को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से होने वाले आर्थिक लाभ को रोकना है। प्रशासन ने नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा है। युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में नशा निवारण क्लबों को सक्रिय किया जा रहा है। इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
इसके अलावा रेडियो के माध्यम से भी जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, ताकि नशे के खिलाफ संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। नवरात्रों के दौरान जिले के प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी नशे के खिलाफ जागरूकता संदेश और स्लोगन प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके जरिए धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की योजना है। प्रशासन का मानना है कि नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई के लिए कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ समाज की भागीदारी और जागरूकता भी जरूरी है। कांगड़ा में चल रहे अभियान में मुख्य रूप से दो स्तरों पर काम किया जा रहा है—पहला, नशे के कारोबार और उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई, और दूसरा, युवाओं एवं आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना। संपत्तियों की जब्ती और कानूनी कार्रवाई के जरिए नशे के कारोबार से जुड़े आर्थिक आधार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, स्कूल-कॉलेजों, रेडियो और सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता संदेश पहुंचाए जा रहे हैं। कांगड़ा जिले में नशे के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई और जागरूकता दोनों मोर्चों पर अभियान तेज किया है।
नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई, NDPS मामलों में वसूली और सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई के साथ युवाओं को जागरूक करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। नवरात्रों के दौरान सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर जागरूकता संदेशों के जरिए अभियान को और व्यापक बनाने की तैयारी है।



