गोवा में फेरी सेवा का विस्तार, दिवाड़ी-सांपेद्र मार्ग पर शुरू होंगी दो नई रो-रो बोटें
Expansion of ferry services in Goa two new Ro-Ro boats to start on the Divar-Old Goa route.

गोवा, पणजी: गोवा में जलमार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए नदी परिवहन विभाग अपने फेरी नेटवर्क के विस्तार की तैयारी कर रहा है। इसी योजना के तहत दिवाड़ी-सांपेद्र मार्ग पर 21 मीटर लंबी दो नई ‘रो-रो’ फेरी बोटें शुरू करने की योजना है।सरकार की योजना के मुताबिक यह नई सेवा 2027 की शुरुआत में शुरू की जा सकती है। फिलहाल सांपेद्र की ओर रैंप बनाने का काम जारी है। बारिश के कारण निर्माण कार्य में देरी हुई है। विभाग के अनुमान के मुताबिक रैंप का बाकी काम दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद फरवरी 2027 के पहले सप्ताह में रो-रो फेरी सेवा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। रो-रो फेरी सेवा शुरू होने से यात्रियों के साथ-साथ वाहनों को भी जलमार्ग के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में सुविधा होगी। इससे सड़क मार्ग पर निर्भरता कम करने और द्वीप क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वहीं, बेती-पणजी मार्ग पर भी दो नई बड़ी फेरी बोटें लाई गई हैं। ये बोटें मौजूदा फेरी बोटों की तुलना में आकार में बड़ी हैं। इनमें से एक बोट में एक समय में करीब 200 यात्री सफर कर सकेंगे। नदी परिवहन विभाग का उद्देश्य गोवा के जलमार्गों पर यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए फेरी सेवाओं की क्षमता बढ़ाना और अलग-अलग इलाकों के बीच जल परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाना है। नदी नौवहन विभाग के निदेशक विक्रम राजेभोसले के अनुसार, मानसून के कारण सांपेद्र की तरफ रैंप निर्माण कार्य में थोड़ी देरी हुई है, जिसे दिसंबर या जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद फरवरी 2027 के पहले हफ्ते में इन फेरियों को तैनात कर दिया जाएगा।
दिवाड़ी-सांपेद्र मार्ग के लिए विशेष रूप से 21 मीटर लंबी दो मिनी रो-रो नावें तैयार की गई हैं। पारंपरिक रो-रो जहाजों के मुकाबले इनका आकार थोड़ा छोटा है ताकि इस रूट के जलमार्ग पर ये आसानी से और कुशलता से काम कर सकें। इन बोटों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पानी के कचरे और मलबे के कारण होने वाली तकनीकी दिक्कतों से बचाव होगा। इस सेवा के शुरू होने से दिवाड़ी द्वीप (Divar Island) और मुख्य भूमि के बीच दैनिक आवागमन करने वाले यात्रियों और वाहनों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी और यात्रा बेहद सुगम हो जाएगी।



