
नागालैंड कांग्रेस ने ECI, स्थानीय निकायों और NH-29 को लेकर उठाए सवाल
Nagaland Congress raises questions regarding the ECI, local bodies, and NH-29.
नागालैंड, कोहिमा: नागालैंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग, स्थानीय निकायों और नेशनल हाईवे-29 की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। कोहिमा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में NPCC के कार्यकारी अध्यक्ष सी. अपोक जमीर ने चुनाव आयोग के कामकाज और उसके सदस्यों के बीच मतभेदों से जुड़ी रिपोर्टों पर सवाल उठाए। अपोक जमीर ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर भी अपनी चिंताएं सामने रखीं। वहीं, NPCC अध्यक्ष और लोकसभा सांसद एस. सुपोंगमेरेन जमीर ने आरोप लगाया कि नगर निकायों और टाउन काउंसिल के कुछ निर्वाचित सदस्यों पर राजनीतिक affiliation बदलने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे घटनाक्रम मतदाताओं के जनादेश और स्थानीय निकायों के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं। कांग्रेस नेताओं ने NH-29 के संवेदनशील हिस्सों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बार-बार होने वाले भूस्खलन और सड़क बाधित होने की समस्या पर समय रहते हस्तक्षेप करने और स्थायी समाधान की मांग की।
- वोटर लिस्ट और प्रशासनिक फैसले: कांग्रेस नेतृत्व (जिसमें राहुल गांधी और स्थानीय नेता शामिल हैं) ने चुनाव आयुक्तों के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों और मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है।
- विपक्ष का आरोप: कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग सत्ताधारी गठबंधन (BJP-NDPP) के दबाव में काम कर रहा है, जिससे चुनावों की लोकतांत्रिक शुचिता प्रभावित हो रही है।
- फंड और विकास कार्यों में विफलता: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के गठन के बावजूद स्थानीय निकायों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार और फंड नहीं मिल रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर विकास ठप है।
- पूर्वी नागालैंड का बहिष्कार: ENPO (इस्टर्न नागालैंड पीपल्स ऑर्गनाइजेशन) द्वारा किए गए चुनावी बहिष्कार के कारण कई जिलों में स्थानीय निकाय पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाए, जिस पर कांग्रेस ने राज्य सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।
- सांसद का जमीनी निरीक्षण: नागालैंड से कांग्रेस के लोकसभा सांसद सुपोन्गमेरेन जमीर (Supongmeren Jamir) ने खुद NH-29 के प्रभावित क्षेत्रों और सड़क परियोजनाओं का जमीनी निरीक्षण किया है।
- लापरवाही और भूस्खलन का खतरा: कांग्रेस ने NHIDCL (राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम) और राज्य लोक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मानसून के दौरान भूस्खलन (Landslides) और चट्टानें गिरने से इस हाईवे पर कई हादसे हुए हैं, जिससे जनता की जान जोखिम में है।
- मुआवजा और फंड में देरी: कांग्रेस ने सवाल उठाया कि भूमि मुआवजे के विवादों (Compensation Disputes) और फंड के कुप्रबंधन के चलते हाईवे का काम सालों से कछुआ गति से चल रहा है, जबकि कागजों पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं।



