
SIR और चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के सवालों का बीजेपी ने दिया जवाब
BJP responds to Rahul Gandhi's questions regarding the Election Commission.
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चुनाव आयोग, वोटर लिस्ट और एंटी-इनकंबेंसी को लेकर दिए बयानों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR कराने का कानूनी अधिकार है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके फैसलों पर सवाल उठाने के लिए राहुल गांधी के दावों के आधार पर भी सवाल खड़े किए। सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने बीजेपी के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी के खत्म होने की बात कही थी। त्रिवेदी ने कांग्रेस के चुनावी इतिहास का जिक्र करते हुए तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में वापस नहीं लौट सकी है।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि तमिलनाडु में 1967 के बाद, पश्चिम बंगाल में 1977 के बाद और बिहार तथा उत्तर प्रदेश में 1990 के बाद कांग्रेस की सरकार नहीं बनी। ओडिशा का भी उदाहरण देते हुए उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाया। इन आंकड़ों का इस्तेमाल उन्होंने राहुल गांधी के एंटी-इनकंबेंसी संबंधी तर्क का जवाब देने के लिए किया। सुधांशु त्रिवेदी ने चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने अपने बयान में पुराने दौर की चुनावी प्रक्रिया का जिक्र करते हुए बूथ कैप्चरिंग और बैलेट बॉक्स लूट जैसी घटनाओं का उल्लेख किया। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया में CCTV, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य पारदर्शी व्यवस्थाओं के बढ़ने के बाद कांग्रेस को चुनावी तौर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। यह बीजेपी नेता का राजनीतिक दावा है।
SIR को लेकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर त्रिवेदी ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने Representation of the People Act, 1950 की धारा 21(3) का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मीडिया रिपोर्टों में चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों को लेकर सामने आए दावों का आधिकारिक आधार क्या है। राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। यह प्रतिक्रिया उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आई जिसमें चुनाव आयोग के दो आयुक्तों द्वारा पिछले महीनों में कई फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताए जाने का दावा किया गया था।
वहीं, सुधांशु त्रिवेदी ने चुनाव आयोग के निर्णयों को लेकर कहा कि आयोग तीन सदस्यों वाली संस्था है और फैसले बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन फैसलों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनमें किसी आयुक्त की असहमति का ऐसा प्रमाण सामने नहीं रखा गया है जो राहुल गांधी के आरोपों को साबित करता हो। बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी के राजनीतिक दावों पर भी टिप्पणी की और कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि एंटी-इनकंबेंसी का सवाल केवल बीजेपी तक सीमित नहीं है। उन्होंने 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया और कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर आंकड़े सामने रखे।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच यह बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। एक तरफ राहुल गांधी चुनावी प्रक्रिया और आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं बीजेपी इन आरोपों को खारिज करते हुए SIR प्रक्रिया को कानूनी और चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा बता रही है।
राहुल गांधी के एंटी-इनकंबेंसी और चुनाव आयोग से जुड़े बयानों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाते हुए SIR प्रक्रिया को चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा बताया और कांग्रेस के चुनावी इतिहास का हवाला देते हुए एंटी-इनकंबेंसी के दावे पर सवाल खड़े किए।



