
सफेद रंग का जहरीला मण्यार मिला, सुरक्षित जंगल में छोड़ा
A venomous white-colored krait was found and released into the safety of the forest.
महाराष्ट्र, सिंधुदुर्ग: महाराष्ट्र के जैवविविधता से समृद्ध सिंधुदुर्ग जिले के कुडाल तालुका स्थित पावशी गांव में बेहद दुर्लभ सफेद रंग का ‘अल्बिनो मण्यार’ (Albino Common Krait) सांप पाया गया। जिले में इस तरह के सांप की यह पहली दर्ज की गई मौजूदगी बताई जा रही है। इस दुर्लभ खोज से सिंधुदुर्ग में पाए जाने वाले सांपों की विविधता और प्रकृति में मौजूद अनोखे रंगों का एक और उदाहरण सामने आया है। पावशी गांव में सफेद रंग का यह सांप दिखाई देने के बाद सर्पमित्र अनिल गावडे और प्राणी विशेषज्ञ डॉ. योगेश कोली ने इसकी आधिकारिक जानकारी दर्ज की। सूचना मिलने के बाद कुडाल के वनक्षेत्रपाल चेतन पाटील और वनपाल सावंत के मार्गदर्शन में सर्पमित्र अनिल गावडे ने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ा। इसके बाद वन विभाग की मदद से सांप को बिना किसी नुकसान के उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
बेहद जहरीला होता है मण्यार
मण्यार एक अत्यंत विषैला सांप है और इसका वैज्ञानिक नाम Bungarus caeruleus है। आमतौर पर मण्यार का रंग काला या नीला-काला दिखाई देता है। लेकिन अल्बिनिज्म नामक आनुवंशिक स्थिति के कारण शरीर में रंगद्रव्य की कमी होने पर इसका रंग सफेद दिखाई दे सकता है। पूरी तरह अल्बिनो सांपों की आंखों में भी रंगद्रव्य की कमी होती है, जिसके कारण उनकी आंखें लाल या लालिमा लिए हुए दिखाई दे सकती हैं।
अल्बिनो और ल्यूसिस्टिक सांप में अंतर जरूरी
प्राणी विशेषज्ञ डॉ. योगेश कोली के अनुसार, वैज्ञानिक अध्ययन के लिहाज से अल्बिनो और ल्यूसिस्टिक सांपों के बीच अंतर को पहचानना महत्वपूर्ण है। दोनों स्थितियों में सांप के शरीर के रंग में बदलाव दिखाई दे सकता है, लेकिन इनके पीछे आनुवंशिक कारण और शरीर में रंगद्रव्य की स्थिति अलग होती है। सिंधुदुर्ग में मिला यह दुर्लभ सांप वन्यजीव विशेषज्ञों और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सर्पमित्र अनिल गावडे ने नागरिकों से अपील की है कि यदि इलाके में ऐसा या कोई अन्य सांप दिखाई दे, तो घबराएं नहीं और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें। सांप दिखाई देने पर तुरंत प्रशिक्षित सर्पमित्र या वन विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है।सिंधुदुर्ग में अल्बिनो मण्यार की यह पहली दर्ज की गई मौजूदगी जिले की सर्प विविधता और जैवविविधता के अध्ययन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



