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श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का अनावरण

PM Modi unveiled the logo for the birth centenary celebrations of Sri Vishvesha Tirtha Swamiji.

उडुपी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के उडुपी स्थित श्री पेजावर अधोक्षज मठ के श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पद्म विभूषण यतिकुल चक्रवर्ती श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का अनावरण किया। प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार, इस मुलाकात में अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का अनावरण

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोहों और उनसे जुड़ी विभिन्न पहलों के लोगो का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने स्वामीजी के जीवन, उनके आध्यात्मिक योगदान तथा समाज के प्रति उनकी सेवा को स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी का जीवन भक्ति, ज्ञान और सेवा से प्रेरित रहा। उनके अनुसार, स्वामीजी का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी असंख्य लोगों को प्रेरित करती हैं।

भक्ति, ज्ञान और सेवा को बताया प्रेरणा का आधार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी ने अपने जीवन में आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ ज्ञान और सेवा को भी महत्व दिया। उनके जीवन से जुड़े मूल्यों और आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए जन्म शताब्दी के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, जन्म शताब्दी से पहले की जा रही ये पहलें श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के उदात्त आदर्शों और विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

श्री पेजावर अधोक्षज मठ और आध्यात्मिक परंपरा

श्री पेजावर अधोक्षज मठ कर्नाटक के उडुपी की प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं में से एक है। प्रधानमंत्री की श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी के साथ हुई मुलाकात के दौरान मठ की परंपरा और श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की विरासत से जुड़े विषयों का संदर्भ भी सामने आया। श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उनके जीवन और शिक्षाओं को जन्म शताब्दी समारोहों के माध्यम से व्यापक स्तर पर स्मरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से उनके भक्ति, ज्ञान और सेवा के जीवन को रेखांकित किया।

शताब्दी समारोहों के जरिए विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर

जन्म शताब्दी समारोह केवल स्मरण का अवसर नहीं बल्कि श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के विचारों और आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का माध्यम भी बन रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शताब्दी से पहले शुरू की जा रही विभिन्न गतिविधियां उनके महान आदर्शों को आगे ले जाने में मदद करेंगी।

प्रधानमंत्री की इस मुलाकात और लोगो अनावरण के साथ श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी समारोहों की तैयारियों को औपचारिक रूप से महत्वपूर्ण गति मिली है।

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