चंबा की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करना प्राथमिकता
Strengthening road connectivity in Chamba is a priority.

हिमाचल प्रदेश: सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि चंबा जिले की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि दुर्गम, सीमावर्ती और जनजातीय क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महाजन ने बताया कि उनकी पहल और पैरवी के परिणामस्वरूप पठानकोट-चंबा-भरमौर मार्ग को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन लाया गया है। इस मार्ग पर कई महत्वपूर्ण पास, टनल और पुल प्रस्तावित हैं तथा इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से चंबा और भरमौर क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि पठानकोट-चंबा-भरमौर मार्ग को NHAI के अधीन लाना और चंबा-किलाड़ मार्ग को राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक सड़क परियोजना में शामिल करना जिले के सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे विशेष रूप से चुराह, पांगी और किलाड़ जैसे दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। महाजन के अनुसार, रक्षा मंत्रालय के 13 अगस्त 2026 के आदेश में हिमाचल प्रदेश से संबंधित तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता-II में शामिल किया गया है। इनमें चंबा-किलाड़ सड़क का राष्ट्रीय राजमार्ग के डबल लेन मानकों के अनुरूप निर्माण, खानागुंती-लामखागा दर्रा-हरसिल सड़क तथा वांगतु-मुड-अट्टरगू सड़क परियोजना शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का महत्व केवल रणनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन से भी जुड़ा है। बेहतर सड़क संपर्क से स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, शिक्षा, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हर्ष महाजन ने इन निर्णयों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
महाजन ने कहा कि चंबा जिले के विकास और स्थानीय लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाना उनकी निरंतर प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं के आगे बढ़ने से चंबा सहित प्रदेश के अन्य दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वह सड़क, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र के समक्ष उठाते रहेंगे।



