उज्ज्वला योजना से बदली दंतेवाड़ा की महिलाओं की रसोई, लकड़ी और धुएं से मिली राहत
Ujjwala Yojana transforms kitchens for women in Dantewada brings relief from firewood and smoke.

छत्तीसगढ़,दंतेवाड़ा : प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने दंतेवाड़ा जिले के ग्रामीण इलाकों में कई महिलाओं के दैनिक जीवन में बदलाव लाया है। कभी खाना पकाने के लिए जंगल से लकड़ी जुटाना और धुएं से भरे चूल्हे के सामने घंटों काम करना जिन महिलाओं की दिनचर्या का हिस्सा था, उनके लिए अब गैस चूल्हे ने रसोई के काम को काफी आसान बना दिया है। गैस कनेक्शन मिलने से न केवल खाना पकाने में लगने वाला समय कम हुआ है, बल्कि महिलाओं की मेहनत भी बच रही है। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम झोडियाबाडम की रहने वाली महेश्वरी के लिए भी उज्ज्वला योजना के तहत मिला गैस कनेक्शन रोजमर्रा की जिंदगी में सुविधा लेकर आया है। पहले उन्हें खाना पकाने के लिए चूल्हे की लकड़ी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। इसके लिए जंगल तक जाना पड़ता था, जिसमें काफी समय और मेहनत लगती थी। लकड़ी जुटाने के बाद भी चूल्हे के धुएं के बीच खाना बनाना उनके लिए परेशानी भरा काम था। महेश्वरी बताती हैं कि पहले रसोई का काम शुरू करने से पहले ही लकड़ी की चिंता रहती थी। जंगल से लकड़ी लाने में समय लगता था और घर के दूसरे काम भी प्रभावित होते थे। इसके बाद चूल्हे पर खाना पकाते समय धुएं के कारण परेशानी होती थी। अब गैस चूल्हे की सुविधा मिलने से खाना बनाना आसान हो गया है। कम समय में भोजन तैयार हो जाता है और बचा हुआ समय वह परिवार तथा अन्य जरूरी घरेलू कार्यों में लगा पाती हैं। महेश्वरी के अलावा राजेश्वरी, कमलावती और लक्ष्मी यादव भी गैस कनेक्शन मिलने के बाद अपनी दिनचर्या में आए बदलाव को साझा करती हैं। इन महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों की रसोई में किस तरह बदलाव आया है।
बच्चों के स्कूल जाने से पहले तैयार हो जाता है नाश्ता
ग्राम की हितग्राही राजेश्वरी ने बताया कि पहले खाना पकाने में अधिक समय लगने के कारण सुबह के समय काफी भागदौड़ करनी पड़ती थी। गैस सिलेंडर मिलने के बाद अब वह बच्चों के स्कूल जाने से पहले ही नाश्ता तैयार कर लेती हैं। इससे सुबह की दिनचर्या पहले की तुलना में आसान हुई है और समय की बचत भी हो रही है। श्रीमती कमलावती ने बताया कि पहले लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाने में काफी समय लग जाता था। घर के काम में अधिक समय लगने के कारण कई बार काम पर जाने में भी देर हो जाती थी। अब गैस चूल्हे की सुविधा मिलने से वह घर का काम जल्दी पूरा कर लेती हैं और समय पर अपने काम के लिए निकल पाती हैं।
जल्दी तैयार होता है भोजन, बचता है समय
श्रीमती लक्ष्मी यादव ने बताया कि पहले चूल्हे पर भोजन तैयार करने में काफी समय लगता था। लकड़ी की व्यवस्था करना और फिर चूल्हे पर खाना पकाना रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा था। अब गैस सिलेंडर की मदद से भोजन जल्दी तैयार हो जाता है। इससे उन्हें अन्य घरेलू और जरूरी कामों के लिए अतिरिक्त समय मिल जाता है।
महिलाओं के समय और मेहनत में बचत
उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से इन महिलाओं की दिनचर्या में सबसे बड़ा बदलाव लकड़ी जुटाने की जरूरत कम होने के रूप में सामने आया है। पहले ईंधन के लिए जंगल जाने में जो समय और मेहनत लगती थी, उसका उपयोग अब परिवार, बच्चों और दूसरे जरूरी कार्यों में किया जा रहा है। साथ ही, धुएं के बीच खाना पकाने की परेशानी भी कम हुई है। महिलाओं के अनुभवों से यह भी सामने आता है कि रसोई में स्वच्छ ईंधन की सुविधा केवल खाना पकाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे पूरे परिवार की दैनिक दिनचर्या प्रभावित होती है। सुबह जल्दी भोजन और नाश्ता तैयार होने से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल जाने की तैयारी में सुविधा होती है, वहीं कामकाजी महिलाओं को भी समय पर अपने काम के लिए निकलने में मदद मिलती है। महेश्वरी सहित अन्य हितग्राही महिलाओं का कहना है कि गैस चूल्हे की सुविधा मिलने के बाद रसोई का काम पहले की तुलना में आसान और सुविधाजनक हुआ है। जंगल से लकड़ी लाने और धुएं वाले चूल्हे पर खाना पकाने की पुरानी परेशानी कम हुई है। उनके लिए उज्ज्वला योजना गैस कनेक्शन से आगे बढ़कर समय, श्रम और रोजमर्रा की सुविधा से जुड़ा बदलाव साबित हुई है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से दंतेवाड़ा की ग्रामीण महिलाओं की रसोई में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। लकड़ी जुटाने में लगने वाला समय और मेहनत कम हुई है, वहीं धुएं के बीच खाना पकाने की परेशानी भी घटी है। महेश्वरी, राजेश्वरी, कमलावती और लक्ष्मी यादव जैसी हितग्राही महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि गैस चूल्हे की सुविधा से भोजन जल्दी तैयार हो रहा है और बचा हुआ समय परिवार तथा अन्य जरूरी कामों में लगाया जा रहा है। इस तरह उज्ज्वला योजना ने इन महिलाओं के दैनिक जीवन में सुविधा और समय की बचत को बढ़ाया है।



