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शांति अभियानों में सुधार की जरूरत, UNSC में भारत ने रखे कई ठोस प्रस्ताव

India's emphasis at the UNSC: Ensure the safety of peacekeepers and accountability for attacks.

विशेष: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने को लेकर चर्चा के दौरान भारत ने कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने शांति अभियानों के भविष्य को लेकर संयम, निष्पक्षता और सहमति पर आधारित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारत की ओर से यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के भविष्य और उन्हें बदलती वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाने पर व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, शांति अभियानों के भविष्य की समीक्षा का उद्देश्य मौजूदा चुनौतियों की पहचान करने के साथ-साथ उनकी प्रभावशीलता और लचीलेपन को मजबूत करने के लिए रणनीतिक सुझाव तैयार करना है।

Need to reform peacekeeping missions; India presents several concrete proposals at the UNSC.
Need to reform peacekeeping missions; India presents several concrete proposals at the UNSC.

शांति सैनिकों पर हमलों की जवाबदेही जरूरी

पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने शांति सैनिकों पर होने वाले हमलों के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात दोहराई। भारत इस मुद्दे को पहले भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रमुखता से उठा चुका है। भारत की पहल पर अगस्त 2021 में UNSC Resolution 2589 को अपनाया गया था। इस प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के खिलाफ हिंसा और अपराधों के लिए जवाबदेही मजबूत करने पर जोर दिया गया है। मौजूदा UN दस्तावेजों में भी इस प्रस्ताव के तहत शांति सैनिकों के खिलाफ हिंसा के मामलों में उठाए गए कदमों की रिपोर्टिंग का प्रावधान दर्ज है।

बेहतर संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

भारत ने यह भी रेखांकित किया कि प्रभावी शांति अभियानों के लिए केवल सैनिकों की तैनाती पर्याप्त नहीं है। उन्हें पर्याप्त संसाधन, आधुनिक उपकरण, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

भारत लंबे समय से इस बात पर जोर देता रहा है कि शांति अभियानों के जनादेश और उन्हें उपलब्ध कराए जाने वाले संसाधनों के बीच उचित तालमेल होना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड में भी शांति सैनिकों की सुरक्षा के लिए बेहतर प्रशिक्षण, उपकरण, तकनीक, कैंप सुरक्षा और मेडिकल क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता दर्ज है।

शांति अभियानों में अधिक प्रतिनिधित्व की मांग

भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र के शांति और सुरक्षा ढांचे में अधिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। भारत का कहना है कि मौजूदा वैश्विक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र की संस्थागत संरचनाओं को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की जरूरत है। भारत पहले भी सुरक्षा परिषद के सुधार और स्थायी तथा गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार की आवश्यकता उठा चुका है। 2025 में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने भी सुरक्षा परिषद की प्रभावशीलता और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की आवश्यकता पर भारत का रुख सामने रखा था।

टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा

चर्चा के दौरान शांति अभियानों में नई तकनीक और रिन्यूएबल एनर्जी को तेजी से अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल निगरानी, संचार, सुरक्षा और परिस्थितियों की बेहतर जानकारी हासिल करने में किया जा सकता है।

भारत पहले भी संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में तकनीकी क्षमताओं के इस्तेमाल का समर्थन करता रहा है। संयुक्त राष्ट्र के एक दस्तावेज के अनुसार, भारत ने शांति सैनिकों की सुरक्षा और मिशन की प्रभावशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से UNITAWARE प्लेटफॉर्म के विस्तार के लिए वित्तीय सहयोग भी दिया था।

सहमति आधारित प्रक्रिया को बताया जरूरी

भारत का जोर इस बात पर भी रहा कि शांति अभियानों में भविष्य के बदलाव सदस्य देशों के नेतृत्व वाली प्रक्रिया और व्यापक सहमति के आधार पर होने चाहिए। विशेष रूप से उन देशों की राय को महत्व देने की जरूरत है जो संयुक्त राष्ट्र अभियानों के लिए सैनिक और पुलिस बल उपलब्ध कराते हैं। संयुक्त राष्ट्र की मौजूदा समीक्षा प्रक्रिया भी शांति अभियानों के भविष्य, उनकी प्रभावशीलता और बदलती चुनौतियों के अनुरूप सुधारों पर केंद्रित है।

भारत का संदेश स्पष्ट है कि भविष्य के संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान केवल संख्या या तैनाती पर आधारित न होकर सुरक्षा, जवाबदेही, पर्याप्त संसाधन, तकनीकी क्षमता, प्रतिनिधित्व और व्यापक सहमति जैसे आधारों पर मजबूत किए जाने चाहिए।

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