हिन्दी दिवस पर CM धामी और राज्यपाल ने दी शुभकामनाएं
CM Dhami and Governor congratulated on Hindi Day.

उत्तराखंड,देहरादून: देशभर में आज हिन्दी दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हिन्दी को भारतीय संस्कृति, सभ्यता और राष्ट्रीय एकता की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। गौरतलब है कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में हर वर्ष 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और भारतीयता की पहचान है। हिन्दी देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के साथ ही विविधताओं के बीच एकता की भावना को भी सशक्त करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी ने भारतीय समाज को जोड़ने, सामाजिक चेतना को जागृत करने और लोगों के बीच संवाद को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिन्दी की व्यापक स्वीकार्यता देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने में भी सहायक रही है। उन्होंने कहा कि बदलते समय और तकनीकी विकास के दौर में हिन्दी के स्वरूप और उपयोग का भी विस्तार हो रहा है। डिजिटल माध्यमों, शिक्षा, प्रशासन, साहित्य और संचार के क्षेत्र में हिन्दी की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
- संविधान का निर्णय: 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को देश की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था।
- मुख्यमंत्री धामी का संदेश: मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक भावनाओं, आदर्शों और परंपराओं को आपस में जोड़ने का काम करती है।
- राज्यपाल गुरमीत सिंह का संदेश: राज्यपाल ने इसे हमारी सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय अखंडता का मजबूत प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार हिन्दी के संरक्षण, संवर्धन और प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग और प्रचार-प्रसार का आह्वान करते हुए कहा कि अपनी भाषा के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी हिन्दी दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए हिन्दी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हिन्दी भारतीय भाषाई और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा इसके विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
हिन्दी दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न सरकारी संस्थानों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से हिन्दी के महत्व, उसके संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों तक हिन्दी को समृद्ध रूप में पहुंचाने का संदेश दिया जा रहा है।



