नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, 903 शव बरामद; 4,000 से ज्यादा लोग लापता
Massive devastation due to floods in Nepal; 903 bodies recovered, over 4,000 people missing.
काठमांडू: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत, बचाव और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। नेपाल डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, अब तक 903 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में नेपाल पुलिस, सेना और विभिन्न सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी भी शामिल हैं। आपदा के बाद नेपाल के अलग-अलग अस्पतालों में बरामद शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। मृतकों की पहचान में मदद के लिए DNA विश्लेषण के विशेषज्ञों वाली 18 सदस्यीय भारतीय फॉरेंसिक टीम नेपाल पहुंच चुकी है। यह टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर शवों की पहचान और फॉरेंसिक प्रक्रिया में सहयोग कर रही है।
बिना पहचान वाले शवों का अंतिम संस्कार
नेपाल के फॉरेन सेक्रेटरी अमृत बहादुर राय के मुताबिक, जिन शवों की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है, उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बड़ी संख्या में लापता लोगों का पता लगाना और बरामद शवों की पहचान सुनिश्चित करना है। इस बीच, चिलिमे और लांगटांग इलाकों में हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारतीय और नेपाली टीमें संयुक्त रूप से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
10 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 10,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। वहीं, 3,000 से ज्यादा नेपाली नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम भी जारी है। नेपाल में जारी इस राहत अभियान के बीच भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, 403 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 500 भारतीय नागरिक अभी चीन में सुरक्षित हैं।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने आपदा प्रभावित इलाकों में फंसे 404 नागरिकों को रजिस्टर किया है। अधिकारियों और राहत एजेंसियों की प्राथमिकता अब लापता लोगों की तलाश, सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालना और प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तेज करना है। नेपाल में बाढ़ और उससे पैदा हुए हालात के बीच भारत भी राहत एवं बचाव प्रयासों में सहयोग कर रहा है। आने वाले दिनों में सर्च ऑपरेशन के साथ-साथ शवों की पहचान और लापता लोगों का पता लगाने का अभियान और तेज होने की उम्मीद है।



