UAE के जलक्षेत्र में ईरानी ड्रोन हमला नाकाम, अमीरात ने दी कड़ी चेतावनी
Iranian drone attack in UAE waters thwarted; Emirates issues stern warning.
अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपने जलक्षेत्र के ऊपर ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। UAE की वायु रक्षा प्रणालियों ने इस ड्रोन को रोक दिया। घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
UAE के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय तनाव को गंभीर रूप से बढ़ाने वाले हैं और देश की सुरक्षा, स्थिरता तथा संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करते हैं। मंत्रालय के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
सुरक्षा और संप्रभुता से समझौता नहीं
UAE ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा। अमीरात ने कहा कि उसे अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा हमलों का जवाब देने का अधिकार है। UAE ने तत्काल ऐसे हमलों को रोकने और सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने की अपील की है। इसके साथ ही UAE ने मिसाइल हमलों के जरिए जॉर्डन को निशाना बनाए जाने की भी निंदा की।
GCC ने भी ईरान से हमले रोकने की अपील की
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी ने भी क्षेत्र में हुए हमलों की निंदा की है। उन्होंने ईरान से ऐसी गतिविधियों और अन्य शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों को तत्काल रोकने की अपील की। इस घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव जारी रहने के बीच क्षेत्र के कई देशों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ताजा घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दिया। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी WTI कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि अमेरिका-ईरान तनाव और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों का आगे क्या असर पड़ता है। यदि तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।



