टीबी के खिलाफ जंग में रेड क्रॉस की पहल, मरीजों को मिला पौष्टिक आहार
Red Cross initiative in the fight against TB; patients receive nutritious food.
बेतिया। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा बेतिया की ओर से टीबी मरीजों के लिए सराहनीय पहल की गई। रेड क्रॉस के सदस्यों ने निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लिया है। इसी क्रम में रविवार को रेड क्रॉस भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 43 टीबी मरीजों के बीच पोषण की पोटली का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसीएमओ सह जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा उपस्थित रहे। उन्होंने टीबी मरीजों के सहयोग और उनके पोषण की दिशा में रेड क्रॉस की सक्रिय भूमिका की सराहना की।
डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि टीबी से लड़ाई में दवाओं के साथ-साथ संतुलित और पौष्टिक आहार भी बेहद महत्वपूर्ण है। प्रोटीनयुक्त भोजन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। उन्होंने मरीजों से नियमित रूप से चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा लेने, आवश्यक सावधानियां बरतने तथा पौष्टिक एवं प्रोटीनयुक्त भोजन का सेवन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नियमित उपचार और उचित पोषण के माध्यम से टीबी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
पोषण की पोटली में प्रोटीनयुक्त खाद्य सामग्री
रेड क्रॉस के सचिव डॉ. जगमोहन कुमार, कोषाध्यक्ष रजत कुमार तोदी और संयुक्त सचिव जगदेव प्रसाद ने बताया कि मरीजों को दी गई पोषण की पोटली में दाल, सोयाबीन, चीनी, चना, ओट्स, दलिया सहित अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य सामग्री शामिल की गई है। इसका उद्देश्य टीबी मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर पोषण उपलब्ध कराना और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहयोग देना है।
संक्रमण से बचाव के लिए मास्क भी वितरित
कार्यक्रम के दौरान टीबी संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मरीजों और उनके परिजनों को कॉटन तथा डिस्पोजेबल मास्क भी वितरित किए गए। आयोजकों ने टीबी मरीजों और उनके परिवारों से उपचार के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने तथा चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करने की अपील की।
रेड क्रॉस की इस पहल को टीबी मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके पोषण और संक्रमण से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निक्षय मित्र के रूप में सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों की भागीदारी से टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलने की उम्मीद है।



