JSSC-CGL विवाद : युवाओं के आंदोलन ने दिखाया असर! JSSC-CGL रद्द
JSSC-CGL Controversy: Youth Protest Yields Results! JSSC-CGL Cancelled
रांची: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता वाली राज्य कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (JSSC-CGL) को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह फैसला भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच लिया गया है।
छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा निर्णय
JSSC-CGL परीक्षा को लेकर छात्र लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा को रद्द करना शामिल था। सरकार के फैसले के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्रों में राहत और खुशी देखने को मिली।
2014 से हुई परीक्षाओं और नियुक्तियों की भी होगी जांच
सरकार के फैसले का दायरा सिर्फ JSSC-CGL तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, TSR Data Processing Pvt. Ltd. (TDPL) के माध्यम से वर्ष 2014 से अब तक आयोजित परीक्षाओं, उनके परिणामों और नियुक्तियों को भी रद्द करने तथा पूरी प्रक्रिया की जांच का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री बोले- SOP का पालन होता तो नहीं होती गड़बड़ी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अगर निर्धारित Standard Operating Procedure (SOP) का सही तरीके से पालन किया गया होता, तो इस तरह की गड़बड़ियों की स्थिति पैदा नहीं होती। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के सभी पहलुओं की जांच की बात कही है।
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करीब 2 हजार सफल अभ्यर्थियों पर भी असर
JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने से उन अभ्यर्थियों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, जिन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल की थी। रिपोर्टों के अनुसार करीब 2,000 अभ्यर्थी इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। अब सरकार की अगली कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया को लेकर नए फैसले पर उम्मीदवारों की नजर है।
भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर
सरकार का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े भर्ती तंत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जा सकता। JSSC-CGL को रद्द करने का फैसला इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, परीक्षा रद्द होने के बाद आगे नई परीक्षा कब और किस प्रक्रिया के तहत आयोजित होगी, इसे लेकर अभ्यर्थियों में उत्सुकता बनी हुई है।



